ऊना में अज्ञात बीमारी ने ली दर्जनों पशुओं की जान

मैहतपुर (ऊना)। मैहतपुर क्षेत्र में अज्ञात बीमारी की वजह से एक दर्जन दुधारू पशुओं की मौत हो गई। क्षेत्र के पशुपालकों ने पशु अस्पताल बसदेहड़ा के डॉक्टर के प्रति गहरा रोष प्रकट करते हुए बताया कि इस अस्पताल में पशुओं का इलाज सही ढंग से न होना पशुओं की मौत की अहम वजह बन गया है। ऑल इंडिया किसान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष चंचल सिंह देहल ने बताया कि उनकी एक गाय को 106 बुखार होने पर इलाज नहीं मिला और वह मर गई। अगले ही दिन मंगलवार को उनकी दूसरी गाय भी शाम को अज्ञात बीमारी का सही उपचार न मिल पाने के कारण मर गई। देहल के मुताबिक मंगलवार को जब बसदेहड़ा पशु अस्पताल के डॉक्टर से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि वह आज छुट्टी पर हैं, जिसके चलते एक के बाद एक लगातार दूसरी गाय ने दम तोड़ दिया। इन गायों की मौत की खबर सुनते ही मंगलवार को मौके पर पहुंची डॉक्टरों की टीम ने चंचल सिंह की गाय का पोस्टमार्टम किया और कहा कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद बीमारी का पता चल पाएगा। पशुपालक चंचल सिंह ने कहा कि उन्हीं के गांव के छोटू राम की गाय की भी बीते शनिवार को मौत हो चुकी है। इससे दो माह पूर्व इनकी दो गायों की अज्ञात बीमारी के कारण मौत हो चुकी है। उधर, पशु पालक किसान संघ के जिला अध्यक्ष तेलू राम अटवाल का कहना है कि बसदेहड़ा गांव के विपन कुमार, जंग बहादुर की गाय व अजैब सिंह की भैंस की भी कुछ दिनों पूर्व ही मौत हो चुकी है। इलाके के 150 पशुपालकों ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन विभाग के उच्चधिकारियों को सौंपकर बसदेहड़ा पशु अस्पताल में एक माहिर पशु चिकित्सक तैनात करने की मांग उठाई है। इन पशुपालकों ने सरकार से उचित मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि उन्हें जो पशुधन की हानि हुई है, उसकी भरपाई की जाए।
क्या कहता है पशुपालन विभाग
उधर, पशुपालन के निदेशक शेखर मसी का कहना है कि देहलां गांव में चंचल सिंह के मृत पशुओं का पोस्टमार्टम करवाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उधर, पशु अस्पताल बसदेहड़ा में तैनात डॉक्टर संजय गुप्ता ने कहा कि पशुओं के इलाज में उनकी तरफ से कोई कोताही नहीं बरती जाती।

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