बिलख-बिलख कर ढूंढ रहे बच्चे मां

मैड़ी (ऊना)। मैड़ी हादसे ने सबको झकजोर दिया है। लोग अपने परिजनों को इधर-उधर ढूंढ रहे थे। अस्पताल में बच्चे बिलख-बिलख कर अपनी मां को ढूंढ रहे थे, लेकिन उनका पिता इस हालात में नहीं था कि उसका जवाब दे सके। न ही बच्चों की उम्र इतनी थी कि वे समझ पाते कि उनकी मां अब कभी नहीं आएगी, लेकिन इससे भी दर्दनाक बात यह थी कि जिसने अभी दुनिया भी नहीं देखी थी, उसकी मां की गुड्स कैरियर में सवारी उसकी जान की दुश्मन बन गई। मैड़ी में हुए ट्रक हादसे में मारी गई हरजिंदर कौर पत्नी शेरा सिंह लगभग पांच महीने की गर्भवती थी। उसकी मौत ने गर्भ में पल रहे शिशु की ही जान नहीं ली, बल्कि वह अपने पीछे बिलखते तीन बच्चे भी छोड़ गई। इनमें से बड़ी बेटी की उम्र लगभग पांच वर्ष और छोटी बेटी की ढाई वर्ष तथा गोद में बेटे की उम्र महज डेढ़ साल है। गुड्स कैरियर पर अदालत के प्रतिबंध के बावजूद क्षेत्र के धार्मिक स्थलों में यह मौत की सवारी बदस्तूर जारी है। जल्द ही मैड़ी के सबसे बड़े मेलों में शुमार रक्खड़ पुन्या का मेला भी शुरू होने वाला है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर कानून को लागू करवाने के लिए अभी और कितनी मौतों का इंतजार है?

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