
रुड़की। शहर से देहात तक हर जगह बिजली रुला रही है। शहर में घंटों अघोषित कटौती के साथ लो-वोल्टेज के चलते उपभोक्ताओं का पसीना निकल रहा है। गांवों में ऊर्जा निगम के अधिकारियों की लापरवाही भारी पड़ रही है। ओवरलोड के चलते फुंकने वाले ट्रांसफार्मरों को कई दिनों बाद भी बदला नहीं जा रहा है। गांवों के हजारों उपभोक्ताओं को अंधेरे में रातें काटने को मजबूर होना पड़ रहा है।
पिछले तीन-चार महीनों से शहर में घंटों कटौती की जा रही है। ऊपर से कटौती का समय तय नहीं होने से परेशानी और बढ़ रही है। सोमवार शाम छह से नौ बजे तक बिजली कटौती हुई। मंगलवार को सुबह 11 से तीन बजे तक बिजली गुल रही। इसके अलावा दिनभर ट्रिपिंग की भी समस्या बन रही है। शाम छह बजे के बाद लो-वोल्टेज की समस्या खड़ी हो जाती है, जिसके चलते बिजली के उपकरण नहीं चल पाते हैं। शाम के समय भी कटौती होने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होती है। दूसरी तरफ, देेहात क्षेत्र में हालात और खराब हैं। कटौती के अलावा आए दिन ट्रांसफार्मर फुंकने और समय पर नहीं बदलने के कारण हजारों उपभोक्ता अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। लक्सर और रुड़की तहसील के नौ गांवों में चार-पांच दिन पहले ट्रांसफार्मर फुंक गए थे, लेकिन ऊर्जा निगम के अधिकारी अब तक इन ट्रांसफार्मरों को बदल नहीं पाए हैं।
यहां फुंके हैं ट्रांसफार्मर
रुड़की तहसील के बुग्गावाला, मोहितपुर, सिकरोढ़ा, मेहवड़, रहमतपुर और लक्सर तहसील के दो गांवों में ट्रांसफार्मर फुंके हुए हैं। वहीं, रुड़की शहर के भीतर एक दर्जन से अधिक ट्रांसफार्मर खराब हैं। इन स्थानों पर मोबाइल ट्रांसफार्मर लगाकर काम चलाया जा रहा
