
हरिद्वार। ऋषिकुल फार्मेसी के अधीक्षक पर दोयम दर्जे की जड़ी-बूटी खरीदने और विरोध करने पर औषधि निर्माण प्रभारी का उत्पीड़न करने के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। शासन की चार सदस्यीय टीम ने फार्मेसी के दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया है। टीम दोनों पक्षों के बयान जल्द दर्ज करेगी।
ऋषिकुल फार्मेसी में ज्वर और दस्त में काम आने वाली जड़ी-बूटी अतीस की गुणवत्ता को लेकर फार्मेसी अधीक्षक डा. विजय कुमार जेतली और औषधि निर्माण प्रभारी डा. देवेंद्र कुमार सेमवाल में विवाद हो गया था। औषधि निर्माण प्रभारी ने अतीस से दवा बनाने से इंकार कर दिया था। इस पर फार्मसी अधीक्षक ने कार्य में बाधा डालने का नोटिस जारी करते हुए चार्ज महेंद्र कुमार करवल को देने के आदेश जारी किए थे। औषधि निर्माण प्रभारी डा. देवेंद्र कुमार सेमवाल ने शासन-प्रशासन से अतीस की गुणवत्ता और उत्पीड़न की जांच की मांग की थी। फार्मेसी में छिड़ी आरोप-प्रत्यारोपों को गंभीरता से लेते हुए शासन ने मसले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की है। टीम ने मंगलवार को फार्मेसी पहुंच जांच शुरू कर दी है। फिलहाल अतीस से संबंधित दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। जल्द दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच से फार्मेसी में हड़कंप मच गया है।
कोट
शासन से चार सदस्यीय टीम जांच के लिए पहुंची हुई है। जांच-पड़ताल हो रही है। फार्मेसी का काम नियमित रूप से चल रहा है।
डा. विजय कुमार जेतली, अधीक्षक, ऋषिकुल फार्मेसी।
