‘श’ के तीन राक्षस हैं शक, शराब, शबाब

हल्द्वानी। ‘श’ शब्द से निकले तीन राक्षस हैं शक, शराब और शबाब। ये हंसते-खेलते दांपत्य जीवन में आग लगाकर पति-पत्नी के प्यार में जहर घोल रहे हैं। ऊधमसिंहनगर-नैनीताल जिले में ‘श’ ने ऐसा कहर ढाया है कि हर पांचवां परिवार इसकी चपेट में है। हल्द्वानी के महिला ऐच्छिक ब्यूरो में ‘श’ की लगाई आग से टूटने की कगार पर पहुंचने वाले दर्जनों परिवार हैं, जो न्याय के लिए पहुंच रहे हैं।
एक तरह से अग्नि को साक्षी मानकर नवदंपति सात जन्मों तक एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ने की जो कसमें खाते हैं उन पर भी ये ‘श’ भारी पड़ रहा है। हल्द्वानी और रुद्रपुर में टूटते परिवारों में मिठास भरने के लिए जो महिला ऐच्छिक ब्यूरो खुले हैं, उनके आंकड़े काफी चौंकाने वाले हैं। ऐच्छिक ब्यूरो में हर माह 40 से 50 मामले पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकांश परिवार शराब और शक की वजह से ऐच्छिक ब्यूरो पहुंचने वाले हैं। ‘श’ के तीनों राक्षस एक तरह से ऐसे परिवार पर हावी होते हैं, जिनमेें छोटी-छोटी बातों पर लड़ाई झगड़े होते हैं और धीरे-धीरे यह राक्षस मकसद में भी कामयाब हो जाते हैं। हम नाम लेना नहीं चाहते लेकिन हल्द्वानी में कई ऐसे उदाहरण हैं जिनके परिवार ‘श’ ने तोड़े हैं। ऊधमसिंह नगर-नैनीताल में पिछले तीन सालों की तुलना में परिवार में खटास के मामले बढ़े हैं।

शिक्षाविद्, विधि विद्वान, समाजशास्त्री की मौजूदगी में सुलझते हैं मामले
– टूटने वाले परिवारों को जोड़ने के लिए महिला ऐच्छिक ब्यूरो की अध्यक्ष एसएसपी की पत्नी नैना दाते की अध्यक्षता में शिक्षाविद्, विधि विद्वान और समाजशास्त्री की मौजूदगी में मामले सुलझाए जाते हैं, ताकि शक, शराब से फिर परिवार में जहर घुलने की गुंजाइश नहीं रहे।

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