
गड़सा (कुल्लू)। गड़सा घाटी के पुलिया नाले में बादल फटने से करोड़ों रुपये की संपत्ति पानी में बह गई। बाढ़ में पुलिया नाले पर बना एक वैली ब्रिज भी बह गया। लोगों के मुताबिक सोमवार रात करीब 1.20 बजे नाले में पानी की गड़गड़ाहट की आवाज आई। इसे सुनकर वे घरों से बाहर निकले तथा जान बचाने को पहाड़ी पर चढ़ गए। बाढ़ से हालांकि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है लेकिन आर्थिक रूप से काफी क्षति पहुंची है।
बाढ़ के कारण अधिकतर नुकसान एनएचपीसी को हुआ है। पुलिया नाले पर एनएचपीसी का एक पुल बहकर दूर जाकर नाले में अटका पड़ा है। बादल फटने वाले स्थान के पास एनएचपीसी-दो की ए थ्री टनल का काम भी चल रहा था। नाले के उफान से टनल को जाने वाले संपर्क मार्ग का पचास मीटर हिस्सा गायब है। इस कारण टनल निर्माण का काम अब करीब 20 दिन तक ठप रहने की आशंका है। इसके अलावा एनएचपीसी की ओर से लगाए गई क्रेट वाल भी बाढ़ में बह गई है।
स्थानीय निवासी कालू राम और महेंद्र ने बताया कि बादल फटने से मनिहार गांव के करीब 50 घरों के लोग सड़क सुविधा से वंचित हो गई हैं। प्रोजेक्ट में काम करने वाले शेर सिंह, रिंकू और राज ने बताया कि पुल टूटने से काम पर जाने में दिक्कत हो रही है। घटना की सूचना मिलने के बाद एनएचपीसी- दो के जीएम एके सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया। बाढ़ से एनएचपीसी को करीब डेढ़ करोड़ की चपत लगी है। राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। पुल टूटने वाले स्थान पर एक-दो दिन में मार्ग बना दिया जाएगा। इस दौरान उनके साथ एनएचीपीसी-दो के चीफ इंजीनियर डीके अवस्थी, चीफ इंजीनियर एसके चौहान, डिप्टी मैनेजर मुहम्मद फारूख, जेई मनोज कुमार जैन, कोस्टल कंपनी के जीएम एचके सिंह मौजूद रहे।
