विजयनगर-पठालीधार मार्ग खुले तो दिक्कतें हों दूर

रुद्रप्रयाग। विकास खंड जखोली और अगस्त्यमुनि के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाले विजयनगर-पठालीधार मोटर मार्ग पर 87 दिन बाद भी वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। यदि यह मार्ग यातायात के लिए खुल जाता तो ग्रामीणों को पैदल दूरी नहीं नापनी पड़ती। इसके अलावा गुप्तकाशी की दूरी भी 40 किमी कम हो जाती। अब स्थिति यह है कि अगस्त्यमुनि के समीप के गांव के लोगों को रोजमर्रा की सामग्री पीठ पर लादकर 14-15 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है।
मंदाकिनी नदी की बाढ़ से विजयनगर-पठालीधार मोटर मार्ग का गंगानगर से आगे करीब आधा किलोमीटर का पैच ध्वस्त हो गया था। अभी भी यहां भूस्खलन जारी है, जिसके चलते फिलहाल यहां मार्ग निर्माण की संभावना नहीं है। पूर्व में गंगानगर पुल से दूसरी ओर एलएंडटी ने सड़क काटना शुरू किया था, लेकिन कुछ लोगों के विरोध के कारण कार्य रोकना पड़ा। मार्ग पीएमजीएसवाई के अधीन है। लोगों का कहना है कि इतनी लंबी अवधि में लोनिवि सिंचाई खंड ने मार्ग खोलने का प्रयास किया होता, तो कुछ न कुछ नतीजा मिलता। भाजपा नेता अजेंद्र अजय बताते हैं कि इस मार्ग के खुलने से लोगों की परेशानी दूर होती। केदारघाटी में जल्द मदद पहुंचती। अभी केदारघाटी में वाहन मयाली-सिद्धसौड़ के रास्ते जा रहे हैं।

अभी सड़क बननी मुश्किल
जब तक नदी का जल स्तर कम नहीं होता, तब तक सड़क बननी मुश्किल है। यहां फिलिंग करनी पडे़गी। अन्य स्थानों से सड़क काटने की गुंजाइश नहीं है। पठालीधार की ओर से पत्थर गिर रहे हैं। इसलिए मशीन काम नहीं कर पा रही हैं। विनोद कुमार, ईई लोनिवि सिंचाई खंड।

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