
पौड़ी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत से हत्या के मामले में एक महिला समेत दो लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अभियुक्तों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
इस्तगासा रिपोर्ट के अनुसार थाना कोटद्वार के उदयरामपुर गांव निवासी लाखन सिंह की 12 अप्रैल 2012 को हत्या कर दी गई थी। गांव में उस दिन रात को जागरण का कार्यक्रम था। लाखन सिंह के परिजन जागरण में गए थे। लाखन की पुत्री प्रियंका घर लौटी तो उसने हुक्कुम सिंह को हाथ में कुल्हाड़ी लिए घर से भागते देखा। प्रियंका घर के अंदर गई तो उसने देखा कि पिता का गला कटा हुआ है और वह दम तोड़ चुके हैं। घटना के मामले में लाखन के भाई हरेंद्र ने गांव के हुक्कुम सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट के मुताबिक पर हुक्कम सिंह के लाखन सिंह की पत्नी लक्ष्मी देवी से अवैध संबंध थे। परिजनों को इस पर कड़ा एतराज था। पंचायत ने मामले में राजीनामा भी कराया था।
विवेचना के दौरान पुलिस ने हत्या में प्रयोग की गई कुल्हाड़ी और अन्य सामान भी बरामद करने के साथ ही मृतक लाखन सिंह की पत्नी लक्ष्मी देवी को भी हत्या के षड्यंत्र के आरोप में गिरफ्तार किया। अदालत ने साक्ष्यों की पड़ताल के बाद हुक्कम सिंह को हत्या का दोषी मानते हुए और मृतक की पत्नी को हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने का दोषी ठहराते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता केपी डंगवाल ने पैरवी की।
