
ऊना। राजकीय पीजी कालेज ऊना में कालेज प्रशासन की ओर से सस्पेंड किए गए छात्रों को बहाल कर दिया गया है। हालांकि कालेज प्रशासन ने काफी दिनों से एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के साथ चल रहे गतिरोध को समाप्त करने का प्रयास किया, लेकिन एबीवीपी ने इस मामले को मानवाधिकार आयोग और प्रदेश उच्च न्यायालय के समक्ष भी उठाने का ऐलान कर दिया है। कालेज प्रशासन ने शनिवार को ऊना महाविद्यालय से अनुशासन समिति की बैठक करके निलंबित किए गए दो छात्रों विकास कुमार बंटी एवं विकास शर्मा के निलंबन को रद कर उन्हें बहाल कर दिया है। सोमवार से उक्त दोनों छात्र अपनी कक्षाओं में दोबारा प्रवेश कर सकेंगे। कालेज के प्राचार्य डा. एसके चावला ने बताया कि इस विवाद को लेकर शनिवार को अनुशासन समिति की महाविद्यालय में बैठक हुई। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में निलंबित किए गए छात्रों के अभिभावक पेश हुए। इस दौरान दोनों छात्रों ने अनुशासन समिति के समक्ष पेश होकर लिखित रूप में माफी मांगी। इस पर अनुशासन समिति ने इनके निलंबन को समाप्त कर दिया है। उधर, बहाल हुए छात्र एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के इकाई सचिव विकास कुमार बंटी ने बताया कि कालेज प्रशासन की ओर से परिषद के तीन छात्रों का निलंबन भेदभावपूर्ण नीति के तहत किया गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर सोमवार को मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया जाएगा, जबकि एससीए चुनावों के बाद निलंबन के मामले को लेकर प्रदेश उच्च न्यायालय में भी कालेज प्रशासन को घसीटा जाएगा।
