एक नर्स के सहारे 45 मरीज

बड़सर (हमीरपुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बड़सर में नर्सों की कमी के कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। हालात यह हैं कि एक नर्स को करीब 45 मरीजों को एक साथ संभालना पड़ रहा है।
अस्पताल में मरीजों की देखरेख का जिम्मा मात्र चार नर्सों के पास है। शिफ्टों में कार्य होने के कारण दो नर्सें दिन को तो दो नर्सें रात को सेवाएं दे रही हैं। एक नर्स वार्ड में भर्ती मरीजों को देख रही है तो एक नर्स प्रसुति वार्ड में सेवाएं दे रही है। वार्ड में करीब 45 मरीज भर्ती हैं तो ऐसे में एक ही नर्स को सभी मरीजों का ध्यान रखना पड़ रहा है। हालांकि अस्पताल के लिए छह नर्सों के पद स्वीकृत हैं लेकिन दो पद खाली चल रहे हैं। अस्पताल में एक साथ अधिक मरीज आने पर स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा जाती हैं। स्थानीय लोगों देश राज, अजय कुमार, अजीत कुमार, कमल देव, राजेश कुमार, प्रवीण कुमार, निक्का राम, जुल्फी राम, नीरज कुमार, बांकू राम, रविंद्र कुमार, सुरेश कुमार, राकेश कुमार, अमित कुमार ने अस्पताल में नर्सों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग की। उन्होंने सीपीएस इंद्रदत्त से नर्सों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग उठाई।
महीने में होती करीब 60 डिलीवरी
अस्पताल में प्रतिदिन एक या दो डिलीवरी होती है। महीने में 50 से 60 डिलीवरी होती है। डिलीवरी में नर्स व दाइयों की मौजूदगी अनिवार्य होती है लेकिन अस्पताल में मात्र चार नर्स, दो दाइयां मौजूद हैं जो शिफ्टों में कार्य करती हैं। एक समय में अस्पताल में दो नर्स, एक दाई मौजूद रहती है। एक नर्स अस्पताल के वार्ड के मरीजों की देखरेख करती है तो दूसरी नर्स डिलीवरी कार्य में व्यस्त रहती है। एक नर्स के छुट्टी जाने पर अस्पताल में मरीजों की देखरेख की व्यवस्था भी प्रभावित हो जाती है।

बड़सर अस्पताल में नर्सों के दो पद रिक्त हैं। अस्पताल में मरीजों की संख्या देखते हुए नर्सों के रिक्त पदों के भरने के साथ-साथ नए पद सृजित करने की डिमांड भेजी गई है।
-डॉ. बीके धीमान, बीएमओ बड़सर

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