
केलांग। बादल फटने के बाद नाले में आए उफान से थिरोट विद्युत परियोजना में विद्युत उत्पादन ठप हो गया है। बाढ़ के पानी से परियोजना का डाइवर्शन सिस्टम फटने से यह समस्या खड़ी हुई है। डाइवर्शन सिस्टम ध्वस्त होने से पानी की सप्लाई पावर हाउस तक नहीं पहुंच रही। इस कारण परियोजना की तीनों टरवाइनें बंद हो गई।
सिल्ट भरने से परियोजना का होपर नंबर- एक भी ठप पड़ा है। बाढ़ के कारण लाहौल के इस इकलौते बिजली परियोजना को करीब 6 लाख का नुकसान पहुंचा है। हालांकि घाटी के लिए वैकल्पिक बिजली की आपूर्ति मनाली से की जा रही है। लेकिन बिजली के बार-बार कट से उपभोक्ता परेशान हैं। थिरोट बिजली परियोजना में तैनात सहायक अभियंता बलबीर सिंह ठाकुर ठाकुर ने बताया कि पिछले दिनों चौखंग-नैनगाहर इलाके में बादल फटने से थिरोट नाले में बाढ़ आ गई थी। इस कारण विद्युत उत्पादन बंद पड़ा है। थिरोट परियोजना से अस्थाई तौर पर बिजली सप्लाई के लिए करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है। उधर थिरोट नाले का जलस्तर बढ़ने से अभी भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि बाढ़ की भेंट चढ़े मयाड़ घाटी का चंगुट पुल तथा सौ मीटर सड़क की बहाली का कार्य तेज कर दिया है। मयाड़ घाटी में मटर की खेती तैयार है। इसे ध्यान में रखते हुए मार्ग को बहाल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में जिले में चहुमुखी विकास करवाया जा रहा है।
