नारकंडा में बागवानों ने किया चक्का जाम

कुमारसैन (शिमला)। सेब उत्पादक संघ के साथ मिल कर बागवानों ने नारकंडा में जमकर हल्ला बोला। मांगों को न माने जाने पर गुस्साए बागवानों ने दो घंटे तक एनएच-22 पर चक्का जाम रखा। वहीं, प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर सीपीआईएम नेता राकेश सिंघा धरने का नेतृत्व कर रहे थे। चक्का जाम होने से वाहन चालकों समेत आम लोगों को भी दो घंटे तक भारी परेशानियों से दो चार होना पड़ा। दो घंटे तक सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। एसडीएम रामपुर के हस्तक्षेप के बाद ही बागवानों ने एनएच को बहाल किया।
इस मौके पर राकेश सिंघा ने कहा कि जरोल टिक्कर में चल रहे सेब ग्रेडिंग पैकिंग हाउस को निजी हाथों में देना सरकार का गलत फैसला है। इससे यहां बागवान लुटने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एक सप्ताह के अंदर सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला तो वह आंदोलन को और उग्र कर देंगे। उन्होंने कहा कि आज का चक्का जाम करना तो केवल मात्र एक चेतावनी थी। अगर मांगों को नहीं माना तो आंदोलन को और तेज कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बागवानों की मांग को ध्यान में रखते हुए नारकंडा में सेब बेचने के लिए यार्ड की स्थापना की जाए, जहां पर खुली बोली के माध्यम से सेब बेचा जा सके। वहीं, विदेश से आने वाले सेब पर सौ फीसदी आयात शुल्क लगाया जाए। इस अवसर पर प्रधान केशव राम, प्रेस सचिव राकेश वर्मा, सुरेंद्र कुमार, गोविंद कुमार, तारा चंद, जोगिंद्र ठाकुर, सुरेश ठाकुर, प्रेम सिंह, विजय पाल, विनोद कुमार, ओम प्रकाश, प्रीतम कुमार और राज कुमार सहित करीब 160 बागवान उपस्थित थे।

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