जवान मर रहे हैं, माननीय लड़ रहे हैं

मैहतपुर (ऊना)। देश के जवान मर रहे हैं और हमारे राजनीतिक दल पाक को उसके दुस्साहस का कड़ा जवाब देने की बजाय आपस में लड़ रहे हैं। पुंछ में पाक सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों पर पीछे से हमला करके उन्हें मौत के घाट उतारे जाने की घटना से आम जनता में गहरा रोष फैला है। शिवसेना के प्रांतीय अध्यक्ष शिवदत्त वशिष्ठ ने बुधवार को जारी एक बयान में पड़ोसी मुल्क की सेना द्वारा पीठ पीछे से हमला करके छह भारतीय सैनिक को मौत के घाट उतारे जाने की कड़ी शब्दों में निंदा की है। पाक तथा चीन की सेनाओं द्वारा बार-बार देश की सीमा पर भारतीय सीमा में घुसकर हमारे सैनिकों को शहीद किए पर वशिष्ठ ने केंद्र की यूपीए से सवाल उठाया कि आखिर कब तक देश यूं ही अपने सैनिकों को शहीद होते देखता रहेगा। शिवसेना ने कहा कि शहीदों के परिजनों के आंसुओं का हिसाब देश की जनता केंद्र सरकार से मांग रही है, लिहाजा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को खुद सामने आकर देश को बताना होगा कि आखिर यह सब कब तक सहेगा देश? प्रांतीय अध्यक्ष ने केंद्रीय रक्षा मंत्री के उस बयान पर हैरानी जताते हुए कहा कि उन्हें कैसे पता चला कि हमलावर पाक सेना की वर्दी में आतंकवादी ही थे, जबकि इससे पूर्व यह साबित हो चुका है कि पाक सीमा पर पाकिस्तानी सेना के जवान ही हमारे सैनिकों के सिर कलम करके अपने साथ ले गए थे। भारतीय सैनिकों पर हुए हमले की व्यापार मंडल अध्यक्ष रामेश्वर दत्त द्विवेदी, मैहतपुर उद्योग संघ के अध्यक्ष बलतेजइंद्र सिंह, मजूदर संघ के संगठन मंत्री गुरमेल बैंस, इंटक के प्रदेश प्रवक्ता कामरेड जगतराम शर्मा एटक के कामरेड विजय शर्मा समेत अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी पाक की इस नापाक हरकत की कड़े शब्दो में निंदा की है।

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