
नई दिल्ली: सीबीआई ने माइक्रोमैक्स मोबाइल फोन कंपनी के दो मालिकों को बुधवार को कथित रूप से रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार वे एक बैंक्वेट हॉल की मंजूरी के लिए उत्तर दिल्ली नगर निगम के अभियंताओं को 30 लाख रुपए की रिश्वत दे रहे थे। सीबीआई ने इस दौरान चार व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि कथित रिश्वत के भुगतान की गुप्त सूचना के आधार पर जांच एजेंसी ने माइक्रोमैक्स इंफोरमैटिक्स के मालिक राजेश अग्रवाल और मनीष तुली के तिमारपुर क्षेत्र स्थित कार्यालयों पर छापे मारे।
सूत्रों बताया कि एजेंसी ने वहां से 30 लाख रुपए जब्त किए जिसे अधीक्षकण अभियंता और कुछ कनिष्ठ अभियंताओं को रिश्वत के रूप में दिया जाना था। उन्होंने बताया कि अभियंताओं ने बिल्डरों से रिश्वत की रकम प्राप्त करने के लिए दो कनिष्ठ अधिकारियों को भेजा था। सूत्रों ने बातया कि एजेंसी ने दोनों अधिकारियों को हिरासत में ले लिया है तथा विभिन्न स्थानों पर छापे की कार्रवाई जारी है।
सूत्रों ने बताया कि दोनों वजीरपुर क्षेत्र में एक बैंक्वेट हाल के निर्माण के लिए एमसीडी के अभियंताओं से मंजूरी चाहते थे। उन्होंने बताया कि दोनों ने अभियंताओं के साथ सौदा तय किया जिन्होंने मंजूरी के लिए करीब 50 लाख रपये की मांग की थी। सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने उस समय अचानक छापा मारा जब दोनों कनिष्ठ अधिकारी कथित रिश्वत की रकम एकत्रित करने के लिए आये थे। सूत्रों ने बताया कि छापे की कार्रवाई अभी भी जारी है।
