
काईस (कुल्लू)। वन विभाग के अधिकारियों ने भी खराहल घाटी की तांदला बीट में अवैध वन कटान की बात स्वीकार की है। पहले अधिकारी यह मानने को कतई तैयार नहीं थे। अमर उजाला में अवैध कटान का समाचार प्रकाशित होने के बाद विभाग के अधिकारियों ने मौके का दौरा कर देवदार के पेड़ों के अवैध कटान की डैमेज रिपोर्ट तैयार कर ली है। एसीएफ कुल्लू किरती ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से तांदला बीट में वन रक्षक का पद खाली चल रहा है। वर्तमान में दूसरी बीट के फारेस्ट गार्ड को कार्यभार दिया गया है। ऐसे में वहां अवैध वन कटान को रोकना मुश्किल हो गया है। उधर कुल्लू के वन अरण्यपाल जीसी होजर ने तांदला बीट में अवैध वन कटान पर गहरी चिंता जताते हुए कुल्लू के डीएफओ से इसकी रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए गए हैं। बरसात के दिनों में वन माफिया की गतिविधियां एकाएक बढ़ गई है। देवदार, काइल, चीड़ और अन्य हरे पेड़ों को काट कर रातों-रात इमारती लकड़ी को ठिकाने लगाया जा रहा है। एसीएफ कुल्लू किरती ठाकुर ने बताया कि मौके का दौरा कर अवैध कटान की डैमेज रिपोर्ट तैयार की गई है। वहीं, काटे गए पेड़ों की कुछ लकड़ी भी बरामद की गई है। उन्होंने कहा कि वन काटुओं का पता लगाने के लिए विभाग ने मुहिम छेड़ दी है।
