चीन में डेयरी उत्पादक कंपनियों पर भारी जुर्माना

चीन में डेयरी उत्पादक कंपनियों पर भारी जुर्माना

शंघाई: चीन ने जहरीले दूध विवाद में अपनी जांच के बाद विश्व की छह बडी डेयरी उत्पादक कंपनियों पर मूल्य निर्धारण और प्रतिस्पर्धा रहित कार्यप्रणाली अपनाने के आरोपों में ग्यारह करोड़ अमेरिकी डालर (673.75 करोड रूपए) का जुर्माना ठोंक दिया है।

उच्चाधिकार प्राप्त नेशनल डेवलपमेंट एण्ड रिफार्म कमीशन (एनडीआरसी) ने आज इस क्षेत्र में सक्रिय मिड जानसन, डानोन, न्यूजीलैंड की अग्रणी डेयरी उत्पाद कंपनी फांटेरा, उच्च डेयरी को आपरेटिव फ्रिजल एण्ड कैम्पिना और हांगकांग में सूचीबद्ध बायोस्टाइम इंटरनेशनल होल्डिंग शामिल है। एनडीआरसी द्वारा इस जुर्माने को समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ सर्वाधिक बता रही है।

एनडीआरसी के बयान के अनुसार कमीशन ने उन कंपनियों पर जुर्माना लगाया है, जिन्होंने प्रतिस्पर्धा के नियमों को प्रतिबंधित किया और अपने प्रयासों से बाजार व्यवस्था को प्रभावित किया। स्विट्जरलैण्ड की बहुराष्ट्रीय कंपनी नेस्ले जापान की मेजीहोल्डिंग्स और झेजियांग, बीरईंगमेट साइंटिफिक टेक्नोलाजी इंडस्ट्री एण्ड ट्रेड कम्पनी एनडीआरसी को समुचित दस्तावेज उपलब्ध कराने में सहयोग करने के एवज में जुर्माने से मुक्त रखा है।

एनडीआरसी द्वारा मिड जानसन पर सर्वाधिक 203.8 मिलीयन डालर का जुर्माना लगाया गया है। उल्लेखनीय है कि चीन में इन दिनों डेयरी उत्पादों में जहरीले विषाणु ‘बाटुलिज्म’ होने की आशंका से न्यूजीलैंड की अग्रणी दुग्ध उत्पादक कंपनी फांटेरा ने चीन से अपने सारे दुग्ध उत्पाद वापस लेने की घोषणा की थी, जिसके बाद चीन ने इस कंपनी पर प्रतिबंध लगाते हुए, विस्तृत जांच के आदेश दिए थे। चीन में डिब्बा बंद डेयरी उत्पादन अन्य उद्योगों की अपेक्षा नया है तथा इसके बजारों पर अमेरिकी और यूरोपयन कंपनियों का दबदबा है।

Related posts