कुल्लू अस्पताल में एनेस्थीसिया का पद रिक्त

कुल्लू। लंबे अरसे से स्टाफ की कमी से जूझ रहे कुल्लू अस्पताल में एनेस्थीसिया का पद अभी तक नहीं भरा जा सका। एनेस्थीसिया का पद तीन सालों से रिक्त पड़ा है। इस पद को भरने को लेकर अस्पताल प्रशासन मुख्यालय को कई बार अवगत करवा चुका है लेकिन इस पर न तो प्रदेश सरकार और न ही स्वास्थ्य विभाग ने गौर किया। तीन सालों से एनेस्थीसिया का काम निजी अस्पतालों से सेवा लेकर चलाया जा रहा है। आलम यह है कि मरीजों को आपरेशन के लिए जहां लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है वहीं कई बार आपरेशन थियेटर से भी मरीज लौटा दिए जाते हैं।
जिला कुल्लू के साथ जिला लाहौल-स्पीति और मंडी जिला के लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने की जिम्मेवारी कुल्लू अस्पताल पर है। लेकिन स्टाफ की कमी के चलते मरीजों को यहां भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। वर्तमान में तैनात चिकित्सकों को ओवर टाइम लगाकर काम निपटाना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन ने दूसरे अस्पताल के एनेस्थीसिया विशेषज्ञ को इमरजेंसी के लिए आरकेएस के जरिये हायर कर रखा है। जिला अस्पताल में आपरेशन करवाने आने वाले लोगों और इनके परिजनों का कहना है कि यहां मरीजों की भीड़ रहती है। आपरेशन करवाने के लिए कई महीनों का इंतजार करना पड़ता है। जिला अस्पताल में एनेस्थीसिया का पद लंबे अरसे से रिक्त पड़ा है। अस्पताल में विशेषज्ञ न होने से पत्थरी, अल्सर और अपेंडिक्स समेत अन्य मरीजों को परेशानी होती है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ न होने से आपरेशन डे के बावजूद यहां दो या तीन आपरेशन ही हो पाते हैं। अन्य मरीजों को फिर अगली तिथि दे दी जाती है। राम नाथ, विवेक और सोनम का कहना है कि लंबे समय से एनेस्थीसिया के पद रिक्त होने से मरीजों को आपरेशन थियेटर से बिना आपरेशन के भी लौटा दिया जाता है।
एसएमओ डा. कमल कपूर का कहना है कि एनेस्थीसिया का पद लंबे अरसे से खाली है। अस्पताल प्रशासन ने रिक्त चल रहे पदों को जानकारी विभाग के आला अधिकारियों और सरकार को दे दी है।

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