
दुगड्डा/कोटद्वार। शनिवार को मिले फौजी अजय रावत के शव को लेकर पुलिस आखिरकार एफआईआर दर्ज करने को तैयार हो गई। पुलिस के गैरजिम्मेदाराना रवैये से मृत फौजी अजय रावत के परिजन दिन भर भटकते रहे। सीओ के हस्तक्षेप के बाद शाम को कोतवाली में मामला दर्ज किया।
तहसील लैंसडौन के अंतर्गत कलढुंगा निवासी अजय रावत का शव तीन अगस्त को दुगड्डा के पास फतेहपुर के पास सड़ी गली हालत में मिला था। चार अगस्त को शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार किया। परिजन थाने में तहरीर दर्ज कराने गए, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। मामला लैंसडौन थाना क्षेत्र का बताया गया। सोमवार सुबह परिजन लैंसडौन थाने गए, वहां भी पुलिस ने अपना पल्ला झाड़ते हुए उसे कोटद्वार क्षेत्र बताकर परिजनों को वापस भेज दिया। परिजन तब सीओ से मिले। सीओ ने एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। उसके बावजूद कोतवाल मामला दर्ज करने को तैयार नहीं थी। बाद में सीओ से वार्ता करने के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई।
एटीएम से निकले हैं पैसे
अजय के पिता गोदंबर सिंह रावत ने बताया कि उसके खाते से काफी पैसे निकाले गए हैं। परिजनों के अनुसार उसके लैंसडौन और कोटद्वार के एटीएम से काफी पैसे निकाले हैं। उसके खाते में बहुत कम पैसे शेष बचे हैं।
सिर्फ सूटकेस हुआ बरामद
अजय रावत का कोटद्वार के सैनिक विश्राम गृह से उसका सूटकेस बरामद हुआ है। परिजनों ने बताया कि सूटकेस का लॉक तोड़ा गया है। जिसमें सिर्फ वर्दी ही है। जबकि बैग और मोबाइल का पता नहीं चल पा रहा है। विश्राम गृह में बीते दिनों एक युवक सूटकेस लेने आया था। लेकिन आईडी नहीं होने से वहां कर्मियाें ने सूटकेस नहीं दिया।
