
भीमताल। रामगढ़ ब्लाक के सिमायल रैक्वाल गांव में खनन माफिया तक पहुंचने में प्रशासन चार दिन बाद भी फ्लाप साबित हुआ है। डीएम के निर्देश पर गठित टीम दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना तो दूर ये तक पता नहीं लगा पाई है कि अवैध खनन के धंधे में कौन लिप्त हैं।
शुक्रवार दो अगस्त के अंक में अमर उजाला ने सिमायल गांव में ‘दूसरे केदारनाथ की तैयारी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर अवैध खनन का खुलासा किया था। उसी दिन डीएम अरविंद सिंह ह्यांकी ने उपजिलाधिकारी को निर्देश दिए थे कि वह टीम गठित कर अवैध खनन करने वालों पर नजर रखें और दोषियों पर कार्रवाई की जाए, पर उक्त अब राजस्व विभाग बैकफुट पर है। दोषी पकड़ से दूर हैं। खबर के बाद माहौल शांत होने की प्रतीक्षा कर रहे माफिया अपनी मशीनें-मजदूर मौके से हटा चुके हैं।
उपजिलाधिकारी चंद्र सिंह मर्तोलिया ने दावा किया था माफिया शीघ्र गिरफ्त में होंगे, पर यह दावा अब तक फुस्स होने से प्रशासन की भूमिका पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं। इस संबंध में सिमायल रैक्वाल के पट्टी पटवारी राकेश चंद्र से संपर्क किया गया लेकिन कई बार घंटी जाने के बाद भी हल्का पटवारी ने फोन रिसीव नहीं किया।
