
लोहाघाट। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार द्वारा कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों में अपने परिसर (संगठक महाविद्यालय) स्थापित किए जा रहे हैं। जिसके लिए कुमाऊं में श्रीबाराही संस्कृत महाविद्यालय देवीधुरा का चयन करने के लिए यूजीसी को प्रस्ताव भेजा गया है। कुमाऊं मंडल में इस समय 13 संस्कृत विद्यालय, पांच संस्कृत महाविद्यालय हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य भुवन चंद्र जोशी के अनुसार बाराहीधाम का संस्कृत महाविद्यालय की विशेषता यह है कि इसके पास अपनी भूमि, भवन होने के साथ पिछले 20 वर्षों से महाविद्यालय का उत्तराखंड में उत्कृष्ट परीक्षाफल आया है। इसके अलावा यह महाविद्यालय यूजीसी द्वारा तय मानकों की कसौटी में भी खरा उतरा है।
महाविद्यालय को परिसर का दर्जा दिए जाने के बाद कुमाऊं क्षेत्र में संस्कृत भाषा को और बढ़ावा मिलेगा। विगत दिनों जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी का महाविद्यालय परिसर का भ्रमण करना काफी लाभदायक रहा। डीएम ने वर्षों से अधूरे भवन निर्माण कार्य को जहां पूरा करने का निर्देश दिया, वहीं उन्होंने महाविद्यालय की अन्य ज्वलंत आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किए जाने का भरोसा दिलाया है।
