
जसपुर। बाजार पुलिस चौकी में तैनात एक सिपाही को झांसा देकर बुलाकर एक मकान में डेढ़ घंटे तक बंधक बनाकर बुरी तरह मारा-पीटा। सिपाही की वर्दी फाड़ी और उस पर शराब उडे़ली। कोतवाली पुलिस के जवानों ने पहुंचकर मकान के दरवाजे तोड़ बेहोशी की हालत में सिपाही को छुड़ाकर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उधर गिरफ्तारी के विरोध में नगरवासियों ने कोतवाली का घेराव किया। पीएसी और पुलिस के जवानों ने लाठियां भांजकर खदेड़ दिया। वहीं इस घटना से नगरवासी सकते में हैं। घायल सिपाही ने 14 लोगों के खिलाफ धारा 147, 148, 332, 353, 308, 504 में रिपोर्ट दर्ज कराई है। गिरफ्तार लोगों में उद्योग व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष भी शामिल हैं।
सिपाही महेंद्र सिंह ने कहा कि वह बाजार पुलिस चौकी पर तैनात है। मुहल्ला नत्था सिंह, दिल्ला सिंह, पट्टी चौहान उसकी बीट में आते हैं। रविवार की रात को शक्को वाली मसजिद के पास शांति व्यवस्था में कांस्टेबिल संजय कुमार के साथ उसकी ड्यूटी थी। मुहल्ला दिल्ला सिंह निवासी राजू पुत्र मदन ने फोन करके बताया कि यहां झगड़ा हो रहा है। इस पर वह वहां पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद राजू पुत्र मदन, राजवती पटनी राजू, बबलू पुत्र धन्नू, ओमप्रकाश पुत्र भुक्कन, मदन पुत्र नत्थू, दीपक पुत्र मदन, मुकेश पुत्र परशुराम निवासीगण मोहल्ला दिल्ला सिंह, रवि पुत्र कैलाश, राम सिंह पुत्र काशीराम, चंद्रपाल पुत्र मदन, श्याम लाल पुत्र खूबी, आकाश पुत्र श्याम लाल निवासीगण मुहल्ला पट्टी चौहान, बसपा नेता लेखराज गौतम पुत्र जयपाल निवासी प्रतापपुर (काशीपुर) ने वर्दी फाड़ी, शराब उड़ेली और बुरी तरह मारा-पीटा। तभी नवीन प्रधान पुत्र महिपाल सिंह आ गया और उसने कहा कि इसे इतना मारो की पुलिस की औकात पता चल जाए। उन्होंने उसे फिर से मारा-पीटा। मोहल्ले के किसी व्यक्ति के फोन करने पर कोतवाली पुलिस ने पहुंचकर बेहोशी की हालत में उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया।
