
कुल्लू। प्रदेश में बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों में प्रवासी मजदूरों की संलिप्तता भी बढ़ती जा रही है। प्रदेश में हर साल सैकड़ों प्रवासी मजदूर आपराधिक वारदातों में पकड़े जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में हजारों प्रवासी मजदूर बिना पंजीकरण के रह रहे हैं। इस कारण पुलिस को इन्हें पकड़ने में मुश्किल होती है।
पुलिस के अनुसार साढ़े पांच साल में कुल्लू जिला में करीब 300 प्रवासी मजदूर विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं। इसके अलावा रोहड़ू के प्रसिद्ध बौंद्रा मंदिर हुई चोरी में भी तीन प्रवासी मजदूरों को ही गिरफ्तार किया है। साढ़े पांच साल में 23 प्रवासी एनडीपीएस एक्ट, 236 एक्सरसाइज एक्ट, 12 हत्या के आरोप में, दस दुराचार के आरोप में तथा 12 प्रवासी चोरी की वारदातों में पकड़े गए हैं। जानकारी के अनुसार प्रदेश में अभी तक 50 फीसदी प्रवासी मजदूरों का ही पंजीकरण हो पाया है। पुलिस प्रवक्ता डीएसपी संजय शर्मा ने बताया कि पुलिस ने प्रवासी मजदूरों के पंजीकरण के सभी ठेकेदारों और अन्य लोगों को निर्देश दिए हैं। कहा कि प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण न होने के कारण इनकी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता पर पुलिस की दिक्कतें बढ़ जाती हैं।
पंजीकरण न करवाने पर कार्रवाई : धवन
एसपी विनोद कुमार धवन ने कहा कि पुलिस ने प्रवासी मजदूरों के पंजीकरण के सभी को आदेश दे रखे हैं। लेकिन कोई व्यक्ति उसके पास रह रहे प्रवासी मजदूर का पंजीकरण नहीं करवाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
