
नई दिल्ली। तिहाड़ जेल की चारदीवारी में एक वार्डन का चोटिल व बीमार पक्षियों की जान बचाने का जुनून चर्चा में है। वो अभी तक दर्जनों पक्षियों की जान बचा चुके हैं। तिहाड़ जेल नंबर तीन में वार्डन योगेंद्र कुमार अभी तक मोर, चील, बत्तख, कबूतर व अन्य पक्षियों की जान बचा चुके हैं। इन पक्षियों को वो संजय गांधी एनिमल केयर सेंटर राजा गार्डन में भर्ती कराते हैं। इनके उल्लेखनीय कार्य को देखते हुए संजय गांधी एनिमल केयर सेंटर की अध्यक्ष मेनका गांधी इन्हें प्रशस्ति पत्र भी दे चुकी हैं। तीन साल से पक्षियों की जान बचाने में जुटे योगेंद्र ने गौरेया बचाओ अभियान की शुरुआत की है। रघुवीर नगर में योगेंद्र ने कृत्रिम घोसले भी बनाए हैं। जेल अधीक्षक कार्यालय, तिहाड़ इंप्लायज वेलफेयर एसोसिएशन ने भी उनके इस कार्य की सराहना की है। दरअसल, तिहाड़ में हरियाली होने की वजह से विभिन्न प्रकार के पक्षी यहां आते रहते हैं। कई पक्षी समूहों ने तो यहां अपना स्थायी बसेरा भी बना लिया है। योगेंद्र ने बताया कि वो जीवन भर इस काम को करते रहेंगे। जेल के अधिकारियों के मुताबिक, तिहाड़ में कोई भी पक्षी चोटिल अथवा बीमार होता है तो उसे योगेंद्र के पास पहुंचा दिया जाता है। तिहाड़ जेल नंबर तीन के उपाधीक्षक प्रदीप शर्मा का कहना है कि जेल अधिकारी भी योगेंद्र की हरसंभव सहयोग करते हैं। तिहाड़ जेल की महानिदेशक विमला मेहरा ने भी उनके इस कार्य की प्रशंसा की है।
