
हमीरपुर। क्षेत्रीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाने पहुंच रही गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या का मुख्य कारण अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था है। महिलाओं, परिजनों को अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर पहले नंबर डलवाना पड़ता है। उसके पश्चात अस्पताल के दूसरे छोर में जाकर अल्ट्रासाउंड की फीस जमा करवानी पड़ती है। गर्भवती महिलाओं में सुकन्या देवी, निर्मला देवी, साक्षी चौधरी, रूबी चौहान, शिल्पा, रेशमा, संतोष कुमारी आदि का कहना है कि क्षेत्रीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए चक्कर काटने पड़ते हैं। पहले काउंटर पर पर्ची लेनी पड़ती है। इसके बाद करीब दो सौ मीटर दूरी पर स्थित अस्पताल के दूसरे भवन में स्थित अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर पर्ची पर नंबर लगवाना पड़ता है। नंबर लगने के बाद दोबारा पर्ची काउंटर के साथ लगते काउंटर पर अल्ट्रासाउंड फीस जमा करवाने के लिए आना पड़ता है। फीस जमा करवाने के पश्चात अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए ऊपर आना पड़ता है और फिर लाइन में बारी का इंतजार करना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड करवाना किसी मुसीबत से कम नहीं है। महिलाओं का कहना है कि अल्ट्रासाउंड करवाने की सारी प्रक्रिया के लिए सीढ़ियां चढ़ना और उतरना पड़ रही हैं। भूखे पेट अल्ट्रासाउंड करवाने आते हैं। उन्हें भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल प्रबंधन से मांग की कि फीस काउंटर को अल्ट्रासाउंड कक्ष के साथ स्थापित किया जाए जिससे गर्भवती महिलाओं और अल्ट्रासाउंड करवाने पहुंचे दूसरे रोगियों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन समस्या के समाधान पर कार्य कर रहा है
