ग्रामसभा की रिपोर्ट न भेजी तो कार्रवाई

कुल्लू। ग्रामसभा की बैठक की कार्यवाही ब्लॉक मुख्यालय को जल्द न भेजने वाले पंचायत सचिवों पर शिकंजा कसा जाएगा। शनिवार को जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के सम्मेलन कक्ष में विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसी राकेश कंवर ने यह आदेश दिए। कुल्लू जिले में 204 पंचायतें हैं। बैठक के दौरान मनरेगा और इसके माध्यम से छह विभागों के जरिये हो रहे विकास कार्यों, पंचायतीराज विभाग के लंबित कार्यों, निर्मल भारत अभियान और प्रस्तावित डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर योजना पर चर्चा की गई। राकेश कंवर ने कहा कि कई सभाओं में लोगों के समक्ष लिए गए निर्णयों से छेड़छाड़ होने के भी आरोप लगे हैं। इस तरह के मामलों को रोकने के लिए अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ग्रामसभा की कार्यवाही अतिशीघ्र बीडीओ के पास पहुंचे। ऐसा न करने वाले सचिवों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
पंचायत घरों के निर्माण या रिपेयर के लिए जारी धनराशि खर्च न करने वाली पंचायतों पर भी शिकंजा कस सकता है। इस योजना के तहत विभिन्न पंचायतों के पास लगभग 84 लाख की धनराशि पड़ी है। कहा कि अगर पंचायतें इस धनराशि को तय समय के भीतर खर्च नहीं कर पाई तो इस राशि को वापस ले लिया जाएगा। इस वित्त वर्ष में जिला में मनरेगा के तहत करीब 1300 विकास कार्य पूरे कर लिए गए हैं। लेकिन इस महत्वाकांक्षी योजना के कार्यान्वयन में और सुधार हो सकता है। लाइन डिपार्टमेंट्स से आग्रह किया कि वे अपने अधिक से अधिक कार्यों को मनरेगा के माध्यम से करवाने का प्रयास करें। सभी जॉब कार्ड धारकों को सौ दिन का रोजगार दिया जाए। उन्होंने सभी बीडीओ को विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने और मनरेगा के सभी प्रावधानों को लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में डीआरडीए के परियोजना अधिकारी डा. संजीव धीमान और जिला पंचायत अधिकारी गिरीश शर्मा ने अपने-अपने विभागों से संबंधित मुद्दों का ब्यौरा पेश किया। इस मौके पर एडीएम विनय सिंह, लाइन डिपार्टमेंट्स के अधिकारी और बीडीओ मौजूद रहे।

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