कुल्लू-मनाली में पर्यटन कारोबार चौपट

कुल्लू। बरसात से कुल्लू-मनाली का पर्यटन कारोबार पूरी तरह से चौपट हो गया है। कुल्लू और मनाली के अधिकतर होटल इन दिनों पूरी तरह से खाली पड़े हैं। केवल बड़े होटलों में भी 10 से 15 प्रतिशत आक्यूपेंसी चल रही है। दोनों जगहों पर होटल व्यवसायियों को 50 से 60 प्रतिशत डिस्काउंट पर भी पर्यटक नहीं मिल रहे हैं। जानकारी के अनुसार इस वर्ष पर्यटन कारोबार मंदा रहने से पर्यटन कारोबारियों को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा है। पिछले साल के मुकाबले इस साल पर्यटन कारोबार में 50 फीसदी की गिरावट आई है। 15 जुलाई तक मनाली में पर्यटन सीजन चरम पर रहता था। लेकिन इस साल पर्यटन सीजन जून माह में ही खत्म हो गया।
होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप ठाकुर ने कहा कि इस बार का पर्यटन सीजन सबसे खराब रहा है। पर्यटन सीजन ठीक से 30 दिन भी नहीं चला। बड़े होटलों में 10 से 15 प्रतिशत आक्यूपेंसी है। छोटे होटल पूरी तरह से खाली चल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सितंबर माह में दोबारा पर्यटन सीजन के गति पकड़ने की उम्मीद है। जिला पर्यटन कार्यालय के मुताबिक जून 2013 तक मनाली में 14 लाख इंडियन पर्यटक और 55 हजार विदेशी पर्यटक आए थे। इसके अलावा वर्ष 2012 में जून माह तक 15 लाख इंडियन पर्यटक और 59 हजार विदेशी पर्यटक मनाली आए थे। वर्ष 2012 में 30 लाख इंडियन और एक लाख 43 हजार विदेशी पर्यटकों ने मनाली का रुख किया था। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि किन्नौर में आई बाढ़ के कारण जुलाई माह में पर्यटन सीजन पूरी तरह से चौपट हो गया। इस कारण उन्हें करोड़ों का नुकसान हुआ। जिला पर्यटन अधिकारी अश्वनी कुमार ने माना कि जल्दी बरसात आने के कारण पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है।

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