
नई दिल्ली: लद्दाख में चीन द्वारा घुसपैठ के बढ़ते मामलों के बीच उसके सैनिक सीमा पर भारतीय क्षेत्र में पडऩे वाले इस सेक्टर में भारतीय सेना को गश्त करने से रोकने जैसी चालें भी अपना रहे हैं।
पिछले हफ्ते भारतीय सैनिकों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर उंचे इलाकों में 14 किलोमीटर उंचाई पर स्थित दो चौकियों के लिए उत्तरी लद्दाख के ट्रेड जंक्शन इलाके से अपने गश्त अभियान ‘तिरंगा’ की शुरूआत की थी और इनके मद्देनजर चीन की ये चालें सामने आ रहीं है, जिन्हें उसके आक्रामक प्रयासों के तौर पर देखा जा रहा है।
आधिकारिक सूत्रों ने आज बताया कि भारी और हल्के वाहनों पर सवार होकर आए चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों को रोका।भारतीय गश्ती दल को एक बैनर दिखाया गया, जिस पर लिखा था कि यह चीनी क्षेत्र है और वे चौकियों की ओर नहीं बढ़ सकते।
सूत्रों के मुताबिक भारतीय गश्ती दल को रोकते समय चीनी सैनिकों का रख आक्रामक था।सूत्रों ने कहा कि ये चौकियां पूरी तरह भारतीय क्षेत्र में हैं। इस साल अप्रैल से इन अग्रिम चौकियों के लिए 21 बार गश्त शुरू की गयी थी और गश्ती दल केवल दो बार ही अपने मिशन को पूरा कर सका।
सूत्रों के मुताबिक चीनियों ने एक निगरानी चौकी बना ली है, जिससे वे भारतीय जवानों की गतिविधियों पर नजर रखते हैं और जैसे ही भारतीय गश्ती दल रवानगी के लिए तैयार होता है, चीनी सैनिक बीच रास्ते में उन्हें रोकते हैं और वापस भेज देते हैं।उन्होंने कहा कि चुशूल में बॉर्डर पर्सनल मीटिंग :बीपीएम: की अगली बैठक में इस मामले को उठाया जाएगा।
