
खटीमा। नेशनल हाईवे की दुर्दशा और क्षेत्र की लंबित समस्याओं से गुस्साए भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर तहसील परिसर पर सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान प्रदेश और केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियोें का विरोध किया। बाद में प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा और बुरी तरह से जर्जर नेशनल हाईवे की जल्द मरम्मत की मांग उर्ठाई।
विधायक पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आयोजित धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ता और क्षेत्र की जनता ने एसडीएम कार्यालय पर आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए विधायक धामी ने कहा कि केंद्र सरकार नेपाल से लगी सीमा के प्रति संवेदनहीन बनी है। सीमा चौकसी को तैनात फोर्स को जरूरत के अनुसार मार्ग सहित अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। जबकि चीन नेपाल के अंदर तक अपनी पैठ बना चुका है। सरकार सीमांत क्षेत्र के विकास को भी बेहद हलकेपन से ले रही है। उन्होंने सीमा पर बहने वाली जगबुड़ा सहित अन्य बरसाती नालों का उल्लेख किया जो सैकड़ों एकड़ भूमि लील चुकी है।
विधायक धामी ने सीमांत जनपद के लिए दैवीय आपदा के बाद भी नौ करोड़ की धनराशि जारी की। इसमें आधे से अधिक राशि छह करोड़ रुपये राजस्व मंत्री एवं मुख्यमंत्री के चुनावी क्षेत्र बाजपुर और सितारगंज में खर्च की गई। जबकि शेष तीन करोड़ में जिला मुख्यालय के विकास खंड व अन्य तहसील को मिले। इसमें नेपाल और यूपी से लगे खटीमा को मात्र 60 लाख रुपये ही निर्गत हुए। विधायक धामी ने कहा कि यदि एनएच मार्ग को चलने लायक नहीं बनाया तो भाजपा जन आंदोलन चलाएगी। इस अवसर पर राजपाल सिंह, नंदन सिंह खड़ायत, हिमांशु बिष्ट, भैरव दत्त पांडे, कै. सुरेंद्र पोखरिया, गोपाल सिंह राणा चांदा, महेंद्र दिगारी, नवीन बोरा ने विचार रखे। संचालन अमित पांडे ने किया। इस दौरान मंडल अध्यक्ष गोपाल बोरा, भुवन जोशी, कैलाश पांडे, बल्देव सिंह बिल्ला, अजय मौर्य, जरनैल सिंह, हरगोविंद, ठाकुर प्रसाद, अजमेर सिंह, राम विलास, रमेश सिंह, विष्णु सागर, राकेश बिष्ट, हेमराज पांडे, मलकीत सिंह राणा, किशोर सिंह पानू, इकबाल सिंह अध्यक्ष गन्ना समिति आदि मौजूद थे। अंत में एसडीएम मनीष कुमार को ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
