
ग्रेटर नोएडा। जिले में बालू का ही अवैध कारोबार नहीं है, बल्कि मिट्टी का भी जोरों पर खनन किया जा रहा है। ग्रेनो वेस्ट से लेकर प्राधिकरण के अन्य क्षेत्रों में माफिया खनन से अरबपति बन गए हैं। सूूत्रों के मुताबिक मिट्टी का खनन पुलिस के संरक्षण में ही किया जा रहा है। ग्रेनो वेस्ट से लेकर नोएडा में किसानों को छह फीसदी मिलने वाले भूख्ंाडों पर आठ से 18 फीट तक खुदाई कर गड्ढे कर दिए गए हैं। ऐसे में लाखों रुपये देकर आवंटियों को उसमें मिट्टी डलवाकर गड्ढों को पाटना होगा। हालांकि एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने मिट्टी खनन में पुलिस की मिलीभगत से साफ इनकार किया है। साथ ही कहा है कि मिट्टी खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
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खाली जमीन पर रहती है नजर
नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहीत की गई किसानों की जमीन पर प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर नहीं जाते। चूंकि अधिग्रहण के बाद जमीन प्राधिकरण की हो चुकी होती है, ऐसे में किसान भी उस जमीन पर जाना बंद कर देते हैं। इस जमीन पर खनन माफिया की नजर रहती है। वे रात में खाली पड़े खेतों को खुदवा डालते हैं।
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स्थानीय पुलिस की मदद से खनन
सूत्रों के मुताबिक माफिया को मिट्टी का खनन करने के लिए स्थानीय पुलिस को राजी करना होता है। जब पुलिस को खर्च दिए बगैर अवैध खनन किया जाता है तो खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर दी जाती है। एक रात में जेसीबी से खनन करने पर 15 से 25 हजार रुपये तक दिए जाते हैं, जबकि एक ट्रैक्टर चलाने पर पांच हजार रुपये प्रति माह पुलिस को दिए जाते हैं।
