
ऊना। उपायुक्त अभिषेक जैन ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाएं। अधिकारी जमीन, फसलों, रिहायशी आवास, गौशालाओं एवं जान-माल से संबंधित नुकसान के मामले शीघ्र स्वीकृति के लिए भेजें, जिससे प्रभावित व्यक्ति को समय पर राहत प्रदान की जा सके। उपायुक्त स्थानीय बचत भवन में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन क्षमता निर्माण विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे।
उपायुक्त ने कहा कि राजस्व विभाग सरकार की रीढ की हड्डी मानी जाती है तथा राजस्व कर्मियों को ग्रामीण स्तर पर बहुत सारी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।उन्होंने कर्मचारियों को सलाह दी कि वे भूमि से संबंधित मामले जमाबंदी, मुसाबी, गिरदावरी, तकसीम एवं विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी करते समय पूर्ण पारदर्शिता बरतें। उन्होंने राजस्व कर्मियों को हिदायतें दी वे अपने क्षेत्र में होने वाली प्राकृतिक आपदा तथा दूसरी घटनाओं की सूचना तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दें ताकि प्रशासन समय रहते मौके पर पहुंचकर प्रभावित व्यक्तियों को राहत प्रदान कर सके । उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सरकारी भूमि के संरक्षण में कोताही न बरतें तथा सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि पटवारी सप्ताह के प्रत्येक सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर लोगों के कार्य निपटाएं। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त दर्शन सिंह कालिया ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना प्रदान करने में आने वाली कठिनाइयों के समाधानों पर चर्चा की तथा राजस्व कर्मियों को प्राकृतिक आपदा के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी। कार्यशाला में एसडीएम ऊना धनवीर ठाकुर, एसडीएम बंगाणा केएस चौधरी, एसडीएम अंब सुखदेव सिंह तथा जिला भर के कानूनगो एवं पटवारी उपस्थित थे।
0
inShare.
