
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों की ताकत को हर पार्टी का नेता पहचानता है। इसे आगामी डूसू चुनाव का असर कहें या फिर दिल्ली विधानसभा चुनावों की दस्तक, इस साल कैंपस में बड़े नेताओं के आने का सिलसिला जारी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज शुक्रवार को कैंपस लॉ सेंटर में भारतीय लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका पर आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचीं। युवाओं को शासक और विपक्ष की भूमिका समझाते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष हमेशा सरकार का विरोध नहीं करता, बल्कि सरकार के जनहित कार्य करने पर उसका समर्थन भी करता है। उन्होंने विपक्ष की भूमिका को गंभीरता से समझने की बात छात्रों से कही। सुषमा स्वराज ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता के लिए विपक्ष का होना अनिवार्य है। प्रतिपक्ष की भूमिका पहरेदार की तरह होती है। लोकसभा के नियमों का हवाला देते हुए उन्होंने विपक्ष की एफडीआई पर चर्चा कराने की भूमिका को छात्रों के सामने रखा। विपक्ष पर संसद को चलने नहीं देने के आरोप पर उन्होंने कहा कि कभी भी निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र हित के लिए संसद की कार्यवाही को बंद किया गया। उन्होंने कहा कि हर किसी को यह समझना होगा कि विपक्ष में बैठे लोग शत्रु नहीं है। सेंटर के सभागार में उनके वक्तव्य को सुनने के लिए छात्रों की भीड़ उमड़ पड़ी। वे सुषमा स्वराज को अपने कैमरे में कैद करने में भी पीछे नहीं रहे। बता दें कि इससे पहले गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डॉ. शशि थरूर भी कैंपस में आ चुके हैं।
