
लोहाघाट। श्रीबाराही संस्कृत महाविद्यालय देवीधुरा में कुमाऊं मंडल विकास निगम ने भवनों का निर्माण किए बिना स्वीकृत संपूर्ण धनराशि भुगतान प्राप्त कर लिया। जिलाधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान यह खामी पकड़ी है। अब अधूरे भवनों के निर्माण के लिए अन्य मदों से धन जुटाने का प्रयास तो चल रहा है लेकिन काम अधूरा छोड़ने वाली निर्माण एजेंसी के खिलाफ फिलहाल किसी कार्रवाई की बात नहीं हो रही है।
कुमाऊं मंडल विकास निगम को वर्ष 2009 में 10 लाख रुपये की राशि राष्ट्रीय सम विकास योजना के तहत मिली थी। इस राशि में से दो लाख रुपये की लागत से एक झूला पुल बनना था जबकि शेष आठ लाख रुपये से श्रीबाराही संस्कृत महाविद्यालय में भवनों का निर्माण होना था। झूलापुल का निर्माण तो कर दिया गया लेकिन भवनों का काम आधे में छोड़ दिया गया। निगम ने भवनों के लिए मंजूर आठ लाख रुपये की राशि पहले ही प्राप्त कर ली।
जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी और मुख्य विकास अधिकारी जेके तिवारी ने निरीक्षण के दौरान यह खामी पकड़ी। भवन को दोमंजिला बनाया जाना है और उसके चारों ओर चहारदीवारी भी बनाई जानी है। जिलाधिकारी ने कहा है कि शेष काम को पूरा कराने के लिए अन्य मदों से धन का इंतजाम किया जाएगा। तीन साल पूरे होने के बावजूद न तो भवन बन पाए हैं और न स्वीकृत धनराशि ही शेष बची है। इसे लेकर लोगों में गुस्सा है। निरीक्षण के समय एसडीएम प्रत्यूष सिंह, अर्थ संख्या अधिकारी डीएस नगरकोटी, आरईएस के अभियंता प्रमोद वर्मा, बीडीओ केसी जोशी आदि मौजूद थे।
