अनीमिया की चपेट में अधिकतर छात्र

टौणी देवी (हमीरपुर)। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावक बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर नहीं हैं। बच्चों में खून की कमी, कान, नाक, दांत के रोग अधिकांशत: पाए जा रहे हैं। आधा दर्जन छात्र दिल के रोग से ग्रसित पाए गए हैं। इसका स्कूल हेल्थ प्रोग्राम की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है।
टौणी देवी खंड में डेढ़ दर्जन शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। कुल 2164 बच्चों के स्वास्थ्य को जांचा जा चुका है तथा शेष स्थानों पर शिविरों का आयोजन किया जाएगा। अभी तक जांचे गए छात्रों में 1130 लड़के, 1034 लड़कियां शामिल हैं। इनमें अनीमिया (खून की कमी) के सबसे अधिक 331, आंखों के 328, ईएनटी के 145, डेंटल के 137, चमड़ी के 103, विकलांग 10, छह दिल के रोगी पाए गए हैं।
टौणी देवी चिकित्सा खंड के स्वास्थ्य शिक्षक सतीश शुक्ला ने बताया कि बीएमओ की अध्यक्षता में कार्यक्रमों का आयोजन स्कूल स्तर पर किया जा रहा है। अभी तक कुल 16 कलस्टर कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। पहले छात्रों की जांच ही कार्यक्रम के तहत की जाती थी लेकिन अब बड़ी बीमारियों के आप्रेशन तक स्कूल हेल्थ कार्यक्रम के तहत टांडा व शिमला अस्पतालों में किए जा रहे हैं। बीएमओ डॉ. आरके अगिभनहोत्री ने स्कूल हेल्थ कार्यक्रम को उचित करार दिया। विभाग आगामी दिनों में भी कृतसंकलप रहेगा, जिससे छात्रों को इसका लाभ मिल सके। पहले तक इसमें बड़ी बीमारियों के समाधान के लिए आपरेशन का प्रावधान नहीं था तथा अब 18 बडे़ रोगों के स्थायी समाधान को बडे़ अस्पताल में उपचार मुफ्त किया जा रहा है।

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