
भोरंज/भोटा (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज में टायफाइड और बुखार के रोगियों की तादाद दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। भोरंज अस्पताल में प्रतिदिन बुखार से पीड़ित 150 से 200 मरीज उपचार को पहुंच रहे हैं। पीएचसी भोटा में प्रतिदिन 30 से 50 रोगी उपचार को पहुंच रहे हैं।
सीएचसी भोरंज में पंद्रह दिनों की अवधि के दौरान कुल 68 रोगियों ने टायफाइड की जांच के लिए टेस्ट करवाए हैं। 22 रोगियों को टायफाइड की पुष्टि हुई है। 39 मरीजों ने पीलिया की जांच करवाई है। मलेरिया से ग्रसित कोई भी रोगी नहीं पाया गया है। इसके अलावा आधा दर्जन मरीज पीलिया से ग्रसित पाए गए हैं। सभी टेस्ट सीएचसी भोरंज में ही करवाए गए हैं। चिकित्सकों की मानें तो प्रतिदिन ओपीडी में करीब 250 रोगी उपचार को पहुंच रहे हैं। अधिकतर बुखार के रोगी शामिल हैं। मौसम के बदलते मिजाज से अधिक रोगी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। पीएचसी भरेड़ी, महल, कड़ोहता, जाहू, बगबाड़ा आदि केंद्रों में प्रतिदिन 40 से 50 रोगी बुखार से ग्रसित पहुंच रहे हैं। पीएचसी भोटा में भी प्रतिदिन 40 से 50 रोगी उपचार को पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन 15 से 20 रोगी मलेरिया और टायफाइड की जांच करवा रहे हैं। गत एक माह के दौरान भोटा में मलेरिया के शून्य और टायफाइड के 8 रोगी पाए गए हैं।
