
चंडीगढ़: लोगों की जिन परेशानियों को आज तक चंडीगढ़ प्रशासक शिवराज वी. पाटिल टाल दिया करते थे उन्हीं एजैंडों को लेकर सोमवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री और शहर के सांसद पवन कुमार बंसल यू.टी. सचिवालय में पहुंच गए। प्रशासक के सलहाकार के.के. शर्मा, गृह सचिव अनिल कुमार, वित्त सचिव वी.के. सिंह और चीफ आर्कीटैक्ट सुमित कौर सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगभग अढ़ाई घंटे तक चली इस मीटिंग में बंसल ने उन्हीं मुद्दों को उठाया जो इन दिनों शहर के लोगों के लिए सबसे अधिक परेशानी का सबब बने हुए हैं।
खास बात यह है कि इनमें से अधिकांश एजैंडे वहीं हैं जो अभी तक पाटिल के जनता दरबार के दौरान आए थे लेकिन या तो फरियादी को प्रशासक ने डांटकर बाहर भेज दिया या केवल आश्वासन देकर ही एजैंडे को वहीं रोक दिया गया। हालांकि मीटिंग के पीछे कारण बताया गया कि मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स (एम.एच.ए.) के निर्देशानुसार यह मीटिंग की गई है लेकिन बंसल ने इशारा दे दिया है कि अब हर महीने यह मीटिंग आयोजित की जाएगी, जिसमें लोगों की परेशानियों को वह खुद लेकर पहुंचेंगे। बंसल के एजैंडे में सबसे पहले शहर के गांव थे।
एजैंडों पर हुई चर्चा
.गांवों के लाल डोरे का विस्तार करना।
.15 साल से रह रहे शहर के बाशिंदों के लिए हाऊसिंग स्कीम जारी करना।
.इंडस्ट्री के सामने आ रही परेशानियों को दूर किया जाना।
.हल्लोमाजरा के दीप काम्पलैक्स को रैगुलराइज किया जाना।
.प्रशासन और निगम के दिहाड़ीदार कर्मचारियों को रैगुलर करना।
.दक्षिणी सैक्टरों में धार्मिक स्थलों को अलाट करना।
.एम.पी. फंड से अलाट प्रोजैक्ट्स को जल्द पूरा करना।
.ई.डब्ल्यू.एस. कैटेगरी के मकानों का मालिकाना हक देना।
.बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन करना।
.इम्प्लाइज हाऊसिंग स्कीम को सिरे चढ़ाना।
.जी.पी.ए. पर मकान खरीदने वालों को मालिकाना हक देना।
.पी.डी.एस. आइटम्स को बांटने के लिए कोई परेशानी न हो।
बंद करो जनता दरबार
पवन कुमार बंसल के इस प्रयास के बाद अब लोगों ने कहना शुरू कर दिया है कि एम.एच.ए. को जनता दरबार पर पाबंदी लगा देनी चाहिए। आर.टी.आई. एक्टिविस्ट आर.के. गर्ग का कहना है कि एम.एच.ए. के कहने पर सांसद ने जो कदम उठाया है उसके बाद जनता दरबार अप्रासंगिक हो गया है, क्योंकि प्रशासक के जनता दरबार में जो भी फरियादी जाता है उसका अनुभव अच्छा नहीं रहा। एक कारण यह भी है कि पवन कुमार बंसल और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हमेशा खींचतान चलती रहती है।
इसलिए अब प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का यह एक अच्छा जरिया सामने आया है। लोग बंसल के पास जाकर अपनी शिकायतें दे, जिन्हें हर महीने होने वाली मीटिंग में उठाया जाए। वहीं फॉसवेक के चेयरमैन पी.सी. सांघी का कहना भी कहना है कि लोगों की परेशानियों पर सांसद द्वारा दिखाई गई दिलचस्पी काबिले तारीफ है। इसलिए बंसल को इस तरह की मीटिंग जारी रखनी चाहिए।
आम आदमी सबसे ज्यादा परेशान: जैन
चंडीगढ़ के पूर्व सांसद एवं भाजपा के कानूनी एवं चुनाव आयोग संबंधी मामलों की समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यपाल जैन ने कहा कि कांग्रेस बंसल ने चंडीगढ़ में 1999 के लोकसभा चुनाव से लेकर आज तक के सभी चुनाव गरीब एवं आम आदमी के नाम पर वोट लेकर जीते, परंतु उसके राज में आम आदमी ही सबसे ज्यादा परेशान हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने गरीब को लूटा है तथा इस सरकार की नीतियों से पैदा हुई महंगाई की वजह से गरीब आदमी ही सबसे ज्यादा दुखी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राज में गरीब अधिक गरीब तथा अमीर अधिक अमीर हुआ है। उन्होंने कहा कि अब बंसल चंडीगढ़ के लोगों को बहलाने के लिए ऐसी मीटिंगों का आयोजन कर रहे हैं पर बंसल को अब समझ जाना चाहिए की चंडीगढ़ के लोग अब उनके इन पैंतरों में नहीं आने वाले और सभी सच्चई से वाकिफ हैं।
लोगों को फिर बहलाने लगे बंसल : हक
बहुजन समाज पार्टी के संयोजक हाफिज अनवर उल हक ने कहा कि चंडीगढ़ के सांसद पवन कुमार बंसल फिर चंडीगढ़ की जनता को बहला-फुसला कर बेवकूफ बनाने की तैयारी शुरू कर दी है, क्योंकि पिछले 14 वर्षों से बंसल यही कहते चले आ रहे हैं कि प्रशासन के अधिकारी मेरी बात नहीं सुनते और मेरा कहना नहीं मानते तो आज अचानक ऐसा क्या कि यह कह दिया गया कि चंडीगढ़ की डिवैल्पमैंट का खाका सांसद पवन कुमार बंसल तय करेंगे बंसल को चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक का ध्यान इसलिए आया है कि अब लोक सभा चुनाव सिर पर आ गए हैं। बंसल ने घूस लेने और अपने भांजे भतीजों द्वारा भी घूस लेने के अलावा चंडीगढ़ में विकास का कोई कार्य नहीं किया तो अब चुनाव से पहले जनता को बेवकूफ बनाने के लिए ऐसी बैठकों का सहारा लेना पड़ रहा है।
