
नई दिल्ली। बाइकर्स को गोली मारने से पहले इंस्पेक्टर रजनीश परमार ने बाइकर्स को बच्चों की तरह समझाया था। इंस्पेक्टर ने बाइकर्स को बोला था कि बच्चों यहां से (विंडसर प्लेस) आगे निकल जाओ। मगर बाइकर्स माने नहीं और इंस्पेक्टर को ईंट फेंक कर मारी। इसके बाद बाइकर्स ने पथराव शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि बाइकर्स ने पीसीआर वैन के चारों तरफ घूमना शुरू कर दिया था। नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार इंस्पेक्टर की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर मृतक करण और घायल हुए पुनीत के खिलाफ दर्ज की गई है। इंस्पेक्टर ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह जब बाइकर्स को समझा रहे थे तो उसी समय बाइकर्स ने जबरदस्त रूप से पथराव शुरू कर दिया था। इस पर इंस्पेक्टर ने हवा में दो फायर किए। इसके बावजूद बाइकर्स माने नहीं। इंस्पेक्टर ने जब गोली मारने की धमकी दो तो बाइकर्स का हुड़दंग बढ़ गया। इस पर इंस्पेक्टर ने भागते हुए बाइकर्स की बाइक के पिछले टायर में गोली मारी। दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि उसे पता नहीं है कि बाइकर्स को गोली लग गई है। जब गोल डाकखाना के पास बाइकर्स गिर गए और इंस्पेक्टर ने उन्हें उठाया तब पता लगा कि करण और पुनीत को गोली लग गई हैं। जिसके बाद दोनों बाइकर्स को आरएमएल अस्पताल ले जाया गया।
