
नई दिल्ली। बटला हाउस एनकाउंटर मामले में दोषी शहजाद अहमद की सजा पर सोमवार को बहस पूरी हो गई। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की हत्या का हवाला देते हुए मामले को विरलतम बताया और शहजाद को मौत की सजा देने की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष ने उसको सुधरने के लिए एक मौका देने की वकालत करते हुए कम से कम सजा देने की मांग की। अदालत मंगलवार को सजा पर फैसला सुनाएगी।
साकेत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार शास्त्री के समक्ष अभियोजन अधिकारी सतविंदर कौर ने कहा कि शहजाद एक इंस्पेक्टर की हत्या व हवलदार को गंभीर रूप से जख्मी करने का दोषी है। तीसरे हवलदार पर भी गोली चलाई गई, लेकिन वह बुलेट प्रूफ जैकेट के कारण बच गया। फ्लैट पर गई पुलिस टीम ने अपनी पहचान बताने के बाद आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की। इसके बावजूद दोषी व उसके साथियों ने पुलिस पर गोलियां चलाईं। पुलिस केवल उन्हें गिरफ्तार करने गई थी। दोषी व उसके साथियों को मारने का पुलिस का इरादा नहीं था। अगर ऐसा होता तो फ्लैट में केवल छह लोग नहीं जाते। इनमें से इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा ने बुलेट प्रूूफ जैकेट नहीं पहनी थी और दो लोगों के पास हथियार भी नहीं थे। अभियोजन ने कहा कि शहजाद में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है। दोषी की सजा पर फैसला करते हुए अदालत को केवल दोषी नहीं, बल्कि एनकाउंटर में मरने वाले इंस्पेक्टर के परिवार की ओर भी ध्यान देना चाहिए। यह केवल एक इंस्पेक्टर की हत्या नहीं थी, बल्कि उसके पूरे परिवार की हत्या थी। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता सतीश टमटा ने दोषी की सजा पर नरमी बरतने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उसको सुधरने का मौका दिया जाना चाहिए।
तिहाड़ में खुदा कीशरण में शहजाद
नई दिल्ली। बटला हाउस एनकाउंटर में दोषी ठहराए गए आतंकी शहजाद को अदालत मंगलवार को सजा सुनाएगी, लेकिन वह तिहाड़ जेल की चारदीवारी में खुदा की शरण में चला गया है। ऐसी संभावना है कि सजा मुकर्रर होने के बाद उसे तिहाड़ जेल नंबर दो या किसी दूसरे जेल में उसे स्थानांतरित किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो शहजाद ने तिहाड़ जेल नंबर पांच पहुंचने के बाद से रमजान महीने में रोजा रख रहा है। तिहाड़ जेल के वार्ड में शहजाद ने सोमवार शाम के समय किसी कैदी से बातचीत भी नहीं की। तिहाड़ के प्रवक्ता सुनील गुप्ता ने बताया कि शहजाद को सुरक्षित वार्ड में रखा गया है।
