
ऊना। जेएमआईसी कोर्ट नंबर-तीन के न्यायाधीश निरंजन सिंह की अदालत ने वर्ष 2004 में दंपति पर पत्थरों से हमला कर बुरी तरह घायल करने के मामले में तीन लोगों को दोषी करार देते हुए कारावास और नकद जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले की जानकारी देते हुए सहायक जिला न्यायवादी नितिन कुमार ने बताया कि 20 जून 2004 को सावित्री देवी पत्नी प्रीत चंद निवासी बाथड़ी ने ऊना थाने में शिकायत दर्ज करवाई कि 16 और 19 जून को जसविंद्र सिंह पुत्र चूहड़ सिंह निवासी बाथड़ी और अन्य लोगों ने जबर्दस्ती ट्रैक्टर से उनके खेत में हल जोत दिया। इसकी शिकायत पुलिस को देने के बाद जब वह वापस घर पहुंचे तो जसविंद्र सिंह, राज कुमार उर्फ राजू पुत्र सीता राम निवासी मैलमां जिला रोपड़ (पंजाब) और पवन कुमार उर्फ पम्मा पुत्र अमृत लाल निवासी अजोली जिला रोपड़ (पंजाब) ने उनके आंगन में आकर उन पर पत्थरों से हमला कर दिया। हमले के दौरान प्रीतम चंद अपने बच्चों को लेकर अंदर चला गया, जबकि सावित्री देवी घटना में बुरी तरह घायल हो गई। पत्थर लगने से उसका सिर फूट गया। एडीए नितिन कुमार ने बताया कि अदालत ने साक्ष्यों और गवाहाें के आधार पर जसविंद्र, राम कुमार और पवन कुमार को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 323 के तहत 6-6 माह का कारावास और 500-500 रुपये जुर्माना अदा करने के निर्देश दिए, जबकि धारा 451 के तहत 1-1 वर्ष का कारावास और 500-500 रुपए जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषियों को 15-15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
