
हमीरपुर। प्रदेश भर के कॉलेजों में नए छात्रों को लुभाने के लिए फेसबुक सबसे बड़ा जरिया बन गया है। छात्र संघ चुनावों को लेकर भी छात्र संगठनों ने फेसबुक के माध्यम से सदस्यता बढ़ाने की तैयारी कर ली है। छात्र नेता आम विद्यार्थियों को फेसबुक पर तलाशकर उनकी समस्याएं जानने का प्रयास कर रहे हैं। समस्याएं हल कर इसका जवाब भी फेसबुक पर ही दिया जा रहा है। कॉलेजों में होने वाले धरने-प्रदर्शन के फोटोग्राफ भी फेसबुक पर अपलोड किए जा रहे हैं। आंदोलन क्यों किए गए? इसके तर्क भी दिए जा रहे हैं।
पहले छात्र नेता कॉलेजों के कार्यालयों और गाइडेंस ब्यूरो के माध्यम से छात्र-छात्राओं के स्थायी पते लेते थे। इस बार एडमिशन प्रक्रिया बदल गई और उन्हें नए छात्रों के स्थायी पते भी नहीं मिल सके। ऐसे में अब फेसबुक सहारा बन गया है। राजधानी शिमला से लेकर प्रदेश के सभी शहरों के बड़े कॉलेजों में छात्र संगठन सोशल नेटवर्किंग साइट का इस्तेमाल कर रहे हैं। हमीरपुर कॉलेज में कुछ छात्र संगठनों ने फेसबुक पर अपने अकाउंट बनाए हैं। नए छात्र को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर दायरा बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं। वर्तमान में राजधानी शिमला, सोलन, मंडी, धर्मशाला, रामपुर से लेकर अन्य सभी कॉलेजों के छात्र नेता लगातार सोशल नेटवर्क का इस्तेमाल कर एससीए चुनावों की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, समस्याओं के बहाने भी छात्र संगठन छात्रों को अपने साथ जोड़ रहे हैं। छात्र संगठनों की विचारधारा को भी फेसबुक पर डाला गया है।
इंटरनेट से संपर्क साधना आसान
एबीवीपी के कैंपस प्रधान पंकज कुमार और एसएफआई के कैंपस प्रधान कपिल कुमार की मानें तो इंटरनेट के माध्यम से छात्रों से संपर्क साधना आसान है। एससीए चुनावों को लेकर पहले चरण में छात्रों से फेसबुक के माध्यम से संपर्क साधा जा रहा है। भविष्य में छात्रों से व्यक्तिगत और डोर टू डोर भी संपर्क साधा जाएगा।
