
चंबा। मिंजर मेले के लिए दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया तीसरे दिन भी चलती रही। दुकानों के आवंटन को पहली बार शुरू किया बोली सिस्टम व्यापारियों को रास नहीं आया है। इस कारण 25 जुलाई से शुरू हुई नीलामी प्रक्रिया के तीसरे दिन तक चलती रही। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला शुरू होने के एक दिन पहले हुई बोली में मेला की तहबाजारी कमेटी से 20 के करीब दुकानें ही बोली पर खरीदी गईं। इन दुकानों से लगभग आठ लाख रुपये की आय हुई है। इससे पहले शुक्रवार को भी प्रशासन ने 20 के करीब दुकानें आवंटित कर 20 लाख रुपये की कमाई की है। अब तक प्रशासन ने कुल 110 के करीब दुकानें आवंटित की हैं। इससे प्रशासन को लगभग 51 लाख रुपये की इन्कम हुई है। बाकी बची हुई दुकानों के आवंटन की प्रक्रि या चार जुलाई तक चलेगी। एसडीएम बचन सिंह ने बताया कि दुकानों के आवंटन की प्रक्रि या चली हुई है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे व्यापारी मेले के लिए पहुंच रहे हैं, उन्हें दुकानें आवंटित की जा रही हैं। दुकानों की नीलामी प्रकिया मेले के दौरान भी चलती रहेगी। उल्लेखनीय है कि इस बार प्रशासन की ओर से मिंजर मेले के लिए कुल 212 अस्थायी दुकानें तैयार की गईं है। इसमें प्रति दुकान को 30 से 50 हजार रुपये में बेचा जा रहा है। रविवार से मिंजर मेले का आगाज हो जाएगा। मेला चार अगस्त तक चलेगा। इसके बाद बाहर से आने वाले व्यापारियों को नौ अगस्त तक दुकानें लगाने की अनुमति है। नौ तारीख के बाद कोई भी व्यापारी सामान नहीं बेच पाएगा।
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अब दुकानों की सबलैटिंग पर रहेगी नजर
प्रशासन ने पहली बार बोली सिस्टम अपना कर दुकानों की सबलैटिंग और कमीशनखोरी पर कुछ हद तक प्रतिबंध लगाने की कोशिश की है। इसके बावजूद कुछ व्यापारियों ने एका करके प्रशासन के निर्णय को फेल करने में भी कसर नहीं छोड़ी। हालांकि मेला की तहबाजारी कमेटी ने आधी दुकानें बेच कर भी अच्छी खासी आय प्राप्त कर ली है। अब देखना यह है कि जो दुकानें खरीदी गई हैं, उनको सबलैट किया गया है या नहीं। चरचा यह भी है कि प्रशासन की सख्ती के बावजूद कुछ लोगों ने मुनाफा कमाने के लिए दुकानें खरीदी हैं। फिलहाल आधे के करीब स्टाल खाली होने के कारण इस बार कमीशन बनाने वालों को भी झटका लग सकता है। वहीं, देरी से आने वाले व्यापारियों को कम कीमत पर दुकानें मिलने की उम्मीद है।
