तीन माह से गायब डिपुओं से चीनी

ऊना। प्रदेश भर के सस्ते राशन डिपुओं में चीनी का संकट गहरा गया है। पिछले तीन महीने से प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को राशन में चीनी नहीं मिल रही है। बताया जा रहा है कि पीछे से सप्लाई ठप पड़ी है। मामले में खाद्य आपूर्ति विभाग ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। विभागीय अधिकारियों ने मामले पर चुप्पी साध ली है। सूत्रों की मानें तो चीनी कोटे की सप्लाई बहाल करने के लिए सरकार एवं उच्चाधिकारी प्रयासरत हैं, लेकिन फिलहाल कोई सफलता नहीं मिल पा रही है। बताया जा रहा है कि चीनी कोटे की सप्लाई डिपुओं तक पहुंचने में अभी भी एक माह का समय लग सकता है, जिससे उपभोक्ताओं में दिन-प्रतिदिन विभाग के प्रति रोष भड़कता जा रहा है। राशन में चीनी न मिलने से लोगों को बाजार से इसे महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं में राहुल धीमान, अजय शर्मा, नानक चंद, बलराम, राजकुमार, नीलम अरोड़ा, लता कुमारी, कमलेश शर्मा, बंगाणा उपमंडल से नरेश कुमार, अशोक कुमार, प्रीतम सिंह, देशराज, महेंद्र सिंह, जीवन कुमार, कंचन बाला, कमलेश कुमारी व अर्चना ठाकुर ने बताया कि पिछले लगभग तीन माह से डिपुओं में उन्हें चीनी नहीं मिली है, जिसके चलते उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब भी डिपो होल्डरों से चीनी के बारे में पूछा जाता है तो वे अगले महीने आने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ लेते हैं, लेकिन अभी तक डिपुओं में चीनी नहीं आई है। उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हें मजबूरन बाजारों से महंगे दामों पर चीनी खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके चलते उनके बजट पर काफी असर पड़ रहा है।
क्या कहते हैं निदेशक
उधर, विभाग के निदेशक प्रियातू मंडल ने बताया कि लेवी चीनी की सप्लाई अभी तक नहीं पहुंच पाई है। इसके चलते डिपुओं को आपूर्ति नहीं की जा सकी है। उन्होंने बताया कि जैसे ही सरकार लेवी चीनी उपलब्ध करवा देती है, डिपुओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को भेज दी जाएगी।

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