
लुधियाना: आए दिन कैदियों का पेशी के दौरान फरार होना आम बात बन गया है। इसके बावजूद पता नहीं जब कैदियों को पेशी पर लाया जाता है तो गार्द उन पर पूरी तरह से मेहरबान रहती है। ये तो कैदी ही अनुशासित हैं कि पुलिस की मेहरबानी का वह फायदा नहीं उठा रहे, जबकि पुलिस उन्हें भागने का पूरा मौका देती है कि भाग जाओ, हम तुम्हारी तरफ नहीं देख रहे। वहीं देखा जाए तो पुलिस विभाग जी-तोड़ मेहनत के बाद कुख्यात अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजता है। एक अपराधी को पकडऩे के लिए पुलिस विभाग को महीनों उसके पीछे भागना पड़ता है व दिन-रात एक कर मुखबिरों का साथ लेकर व हजारों-लाखों का पैट्रोल फूंकने के बाद अपराधी पुलिस की पकड़ में आता है।
पुलिस समझती है कि अब उसे जेल भेज कर उनकी ड्यूटी खत्म हो गई व दूसरे की तलाश में पुलिस जुट जाती है लेकिन इसके बाद ही कुछ लोगों की लापरवाही से पुलिस का काम फिर से दोबारा चालू हो जाता है अगर एक आरोपी गार्द की लापरवाही से भागता है। पूरे पंजाब में अनेकों शातिर अपराधी गार्द की लापरवाही व पेशी के दौरान फरार हो चुके हैं लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया। इतना ही नहीं, एक कैदी के फरार होने के बाद पुलिस मुलाजिम भी सस्पैंड होते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भी गार्द को डर तक नहीं कि कैदी भाग जाएगा और उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है।
पंजाब केसरी टीम ने आज कचहरी परिसर का दौरा किया तो देखा कि मुलाजिमों का कैदियों के प्रति व उनकी सुरक्षा के प्रति रवैया दोस्ताना था। यह दोस्ताना यहां तक ही सीमित नह था, पेशी के बाद भी यह दोस्ताना आगे बढ़ा। 2 पुलिस मुलाजिम 3 कैदियों को पैदल ही कचहरी परिसर के बाहर आए और बाहर मेन रोड पर बने एक ढाबे में ले गए। वहां पर एक पुलिस मुलाजिम ने अपनी पगड़ी उतार कर दूसरी टेबल पर रख दी। इसके बाद पुलिस मुलाजिमों व कैदियों ने जमकर खाना खाया।
पुलिस के मुलाजिम खाने खाने में व्यस्त रहे, जबकि एक कैदी अकेला ही एक टेबल पर खाना खाता रहा व हथकड़ी साथ लेकर घूमता भी रहा। इसके अलावा करीब 40 मिनट तक वह पुलिस मुलाजिम व कैदी ढाबे पर रहे और इसके बाद वह वहां से चाए पीने के बाद चलते बने। उनकी सारी हरकत जब कैमरे में कैद हो गई तो इसके बाद ही पुलिस मुलाजिम ने अपनी पगड़ी सजाई।
