पंजाब में उपचुनावों का मैदान तैयार होने लगा!

जालंधर: पंजाब में उपचुनावों का मैदान तैयार होने लगा है। लोकसभा चुनावों के बाद लगभग 3-4 उपचुनाव होने तय माने जा रहे हैं क्योंकि सत्ताधारी अकाली-भाजपा गठबंधन द्वारा कुछ विधायकों को लोकसभा चुनाव लड़ाने की अंदरखाते तैयारियां जोरों से चल रही हैं। सत्ताधारी गठबंधन से संबंधित नेताओं से पता चला है कि जालंधर, अमृतसर तथा होशियारपुर संसदीय सीटों पर कुछ वरिष्ठ विधायकों को चुनाव लड़ाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

इन नेताओं ने बताया कि होशियारपुर संसदीय सीट पर अभी भी मुख्य संसदीय सचिव सोमप्रकाश को मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है। इसी तरह से जालंधर संसदीय सीट पर अकाली दल की ओर से मुख्य संसदीय सचिव पवन टीनू का नाम फिलहाल आगे चल रहा है।

अमृतसर में यद्यपि अरुण जेतली का नाम भाजपा में आगे चल रहा है परंतु जेतली द्वारा अमृतसर से चुनाव न लडऩे की स्थिति में उद्योग मंत्री अनिल जोशी को पार्टी चुनाव लड़ा सकती है। ऐसी स्थिति में विधानसभा की 3 सीटें खाली हो जाएंगी। तब लोकसभा चुनाव सम्पन्न होने के 6 महीनों के अंदर चुनाव आयोग को उपचुनाव करवाने अनिवार्य हैं। इस तरह पंजाब सरकार लोकसभा चुनाव के बाद भी चुनावी कामों में ही उलझी रहेगी। अक्तूबर-नवम्बर से लोकसभा चुनावों का बिगुल बज जाएगा। उसके बाद सभी राजनीतिक दलों का ध्यान लोकसभा चुनावों की तरफ बना रहेगा।

अमृतसर संसदीय सीट के लिए फिलहाल अरुण जेतली का नाम ही अग्रणी चल रहा है। भाजपा के विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि भाजपा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा अमृतसर से पुन: चुनाव लडऩे या न लडऩे बारे कोई संकेत न दिए जाने की स्थिति में अमृतसर से संबंध रखते ज्यादातर भाजपा विधायकों ने जेतली से कहा है कि वह अमृतसर से संबंध रखते हैं इसलिए उन्हें इस सीट से चुनाव लडऩा चाहिए।

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