
जालंधर: स्थानीय सिविल अस्पताल में एमरजैंसी वाले रास्ते के मुख्य गेट को अस्पताल प्रशासन द्वारा बंद कर दिए जाने से जनता में रोष पाया जा रहा है, वहीं एमरजैंसी वार्ड तक पहुंचने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जी हां! सिविल अस्पताल में एमरजैंसी वार्ड में जाने के लिए विभाग द्वारा अलग से रास्ता बनाया गया है ताकि उक्त रास्ते से गम्भीर अवस्था में घायल मरीज, प्रसव पीड़ा के मरीज समय पर पहुंच जाएं और उनका इलाज समय से प्रारम्भ हो सके, लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन द्वारा एमरजैंसी वार्ड में जाने वाले रास्ते पर लगे मुख्य गेट को ताला लगा दिया गया है, जिससे मरीजों को वहां पहुंचने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है।
भले ही अस्पताल प्रशासन ने गेट पर चौकीदार तैनात कर दिया है जो मौके पर आने वाली एमरजैंसी गाडिय़ों के लिए दरवाजा खोल दे। लोगों का कहना है कि उक्त गेट बंद होने से एमरजैंसी मरीजों को अस्पताल के अंदर आने के लिए कोई ऐसा रास्ता नहीं है जिससे मरीज सीधे संबंधित डाक्टर के पास पहुंच सकें, क्योंकि अस्पताल में जाने के लिए दूसरे गेट के पास साइकिल स्टैंड है। उसके बाद कैम्पस को बेरीकेडिंग के तहत घेरा गया है। जहां से मरीज को पैदल ही ले जाया जा सकता है।
जब इस संबंध में अस्पताल के कर्मचारी से जानकारी ली तो पता चला कि एमरजैंसी वार्ड को जाने वाले रास्ते में प्राइवेट वाहन चले आते हैं, जिससे परेशानी उत्पन्न होती है। इसलिए मुख्य गेट को अस्पताल प्रशासन ने बंद किया है।
