सोनिया को गुमनाम पत्र, कांग्रेस में हड़कंप

चंडीगढ़: चंडीगढ़ कांग्रेस के कुछ नेताओं के बारे में कांग्रेस अध्यक्षता सोनिया गांधी को भेजा गया पत्र चर्चा का विषय बना हैं। पत्र में स्थानीय कांग्रेस के कुछ नेताओं के विरुद्ध दायर आपराधिक मामलों की जानकारी हाईकमान को दी है। हालांकि इस पत्र पर कांग्रेस के पार्षद हरफूल कल्याण के हस्ताक्षर व नाम लिखा है, पर हरफूल के अनुसार न तो उन्होंने कभी कोई ऐसा पत्रा लिखा और न ही किसी ऐसे पत्र पर कभी हस्ताक्षर किए हैं।

उनका इसे किसी की शरारात करार दिया है। सोनिया को भेजे गए इस पत्र का जैसे-जैसे कांग्रेसी नेताओं को पता चला तो पार्टी में हड़कंप मच गया। सभी नेता यह जानने का प्रयास करने में जुटे रहे कि आखिर यह पत्र किसने लिखा है। लिखा गया हैं कि चंडीगढ़ कांग्रेस कमेटी के कुछ नेता जो चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अगला प्रधान बनने के इच्छुक हैं, वे सभी आपराधिक मामलों में संलिप्त हैं।

इन नेताओं पर आपराधिक, नशा कारोबारी, अवैध, असभ्य व विभिन्न घोटालें करने में संलिप्तता के आरोप लगाए गए हैं। इन नेताओं में सबसे पहला नाम चंडीगढ़ कांग्रेस कमेटी के एक वरिष्ठ नेता का हैं जिस पर आरोप है कि पेशे से एडवोकेट इस नेता की गतिविधियां अवैध व घपलों से भरी हैं। बताया गया कि इस नेता को झूठा शपथ पत्र देने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है।

पत्र में दूसरा नाम चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेसी कमेटी अर्बन-1 के एक नेता का हैं। जिनके बारे में कहा है कि पेशे से एडवोकेट यह नेता आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हैं। इसकी प्रॉपर्टी की गलत खरीद-फरोख्त में संलिप्ता बताई है। इसके अतिरिक्त गत नगर निगम चुनाव में इस नेता पर पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के विरुद्ध काम करने के भी आरोप लगे।

तीसरा नाम चंडीगढ़ कांग्रेस कमेटी के सदस्य व पूर्व पार्षद का हैं व कहा है कि पेशे से व्यपारी इस नेता पर कई आपराधिक मामले पंजीकृत हैं और उनका आपराधिक रिकार्ड भी हैं। उन पर कुछ वर्ष पूर्व राजीव गांधी कांग्रेस भवन के सामने कांग्रेस का झंडा व सोनिया गांधी के पोस्टर फाडऩे का भी आरोप हैं। पत्र में चंडीगढ़ कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का नाम भी हैं।

पत्र में कहा है कि पेशे से व्यापारी यह नेता अपने भाई के नाम पर सारा व्यपार करता है। उनका नाम पूर्व अतिरिक्त उपायुक्त पी.एस. शेरगिल की बूथ अलॉटमैंट घोटाले से संबंधित इन्क्वायरी रिपोर्ट में भी उठ चुका हैं। पत्र में अंतिम नाम एक पूर्व मेयर का भी हैं। कहा गया है कि पेशे से प्रॉपर्टी डीलर यह नेता विभिन्न नकली प्रॉपर्टी डिल्स में संलिप्त पाया गया है। अपने मेयर के कार्यकाल के दौरान वे कई बार शराब के नशे में पाए गए थे।

इसके अतिरिक्त शराब के नशे में बेकसूर लोगों से झगड़ा करने के भी उन पर आरोप लग चुके हैं। पत्र में यह भी कहा गया कि इस नेता की विभिन्न जगहों पर बेनामी संपत्ति भी हैं। पत्र में कहा गया कि यह सभी नेता चंडीगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रधान बनने के इच्छुक हैं। इन सभी नेताओं की खराब छवि से पार्टी की छवि भी चंडीगढ़ में खराब हो रही हैं।

पत्र में सुझाव दिया गया हैं कि कांग्रेस हाईकमान ऐसे फ्राड, भ्रष्ट व घपला करने वाले नेताओं को ईमानदार, समर्पित व शिक्षित नेताओं से बदलें। ताकि आगामी लोक सभा चुनावों में पार्टी की जीत संभव हो सकें। यह पत्र आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी, कमेटी के जनरल सैक्रेटी सकील अहम्मद, कमेटी के सैक्रेटरी हरीष चौधरी तथा नगर सांसद पवन कुमार बंसल को भी भेजा गया हैं।

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