
हमीरपुर। घरेलू गैस उपभोक्ताओं की सब्सिडी डूबने का खतरा मंडराने लगा है। योजना के तहत खातों का लिंक-अप नहीं हो पा रहा है। जिले में योजना शुरू होने के पश्चात अब तक केवल 35 प्रतिशत उपभोक्ताओं के खाते ही लिंक-अप हो पाए हैं। ऊना और मंडी जिलों में खातों का लिंक-अप 25 प्रतिशत के करीब है, बिलासपुर में भी यही हाल है। योजना को चालू हुए दो माह बीतने वाला है। शर्त है कि अगर 31 अगस्त तक गैस कनेक्शन नंबर, बैंक खाते, आधार नंबर का लिंक-अप नहीं होता है तो उपभोक्ताओं को बाजार कीमत पर गैस सिलेंडर भरवाना पड़ेगा।
हमीरपुर जिले में 85,250 घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। अब तक इनमें से 63,500 उपभोक्ताओं के आधार नंबर, गैस कनेक्शन नंबर के साथ लिंक-अप हो पाए हैं। 20 हजार उपभोक्ताओं के पास या तो आधार नंबर नहीं है या फिर लिंक-अप के लिए दस्तावेज जमा नहीं करवाए गए हैं। करीब 29 हजार उपभोक्ताओं के बैंक खाते और आधार कार्ड लिंक-अप हो पाए हैं।
एक दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी
लिंक-अप (सीडिंग) क्यों नहीं हो पा रहा है। आधार नंबर के साथ बैंक खातों के लिंक-अप की गति धीमी क्यों है, इसे लेकर सभी के पास अपने तर्क हैं। प्रशासन का तर्क है कि खातों के लिंक-अप का कार्य बैंकों का है, प्रशासन केवल समन्वय का कार्य कर रहा है। इस संदर्भ में पेट्रोलियम मंत्रालय निर्देश जारी कर सकता है, जिससे गति को तेज किया जा सके। बैंक प्रबंधन का तर्क है कि अभी तक हासिल लक्ष्य बैंकों में आने वाले उपभोक्ताओं की संख्या के कारण है। एजेंसी से दस्तावेज नहीं मिल रहे हैं। एजेंसी धारकों का तर्क है कि उपभोक्ताओं को बैंक में डील नहीं किया जा रहा है।
सभी बैंकों को अकाउंट लिंक-अप के निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ता संबंधित गैस एजेंसी या सीधे बैंक की शाखा में जाकर दस्तावेज जमा कर सकते हैं। यदि कहीं कोई समस्या आती है तो लीड बैंक कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं।
-पीके अग्रवाल, लीड बैंक मैनेजर
प्रशासन केवल समन्वय का कार्य कर रहा है। आधार नंबर, गैस कनेक्शन नंबर तथा बैंक खाते की प्रति जमा करवाया जाना है। तीनों के लिंक-अप का कार्य गैस एजेंसी और बैंक प्रबंधन के स्तर पर किया जाना है।
