किस काम की अखाड़ा बाजार सब्जी मंडी

भल्याणी (कुल्लू)। कुल्लू जिले के केंद्र स्थल अखाड़ा बाजार में स्थापित सब्जी मंडी महज शोपीस बनकर रह गई है। केंद्र होने के बावजूद यहां किसान और बागवान अपना उत्पादन बेचने से कतराते हैं। सुविधाओं के अभाव में यहां न तो व्यापारी दस्तक देते हैं और न ही किसान-बागवान अपना उत्पाद बेचने के लिए पहुंच पाते हैं। ऐसे में यह मंडी सफेद हाथी बनकर रह गई है।
व्यापारी न आने से किसानों और बागवानों को यहां लाया अपना उत्पाद औने-पौने भाव में ही बेचना पड़ता है। लोगों ने बोर्ड तथा सरकार से जवाब मांगा है कि लाखों खर्चकर स्थापित जिला की सबसे पुरानी सब्जीमंडी आखिर किस काम की है। सुविधाओं का टोटा रहने के चलते यह मंडी फ्लॉप होकर रह गई है। बागवान दयानंद, टहल सिंह, किशोरी लाल और फतेह चंद के मुताबिक वह इस मंडी में अपना उत्पाद बेचने का जोखिम नहीं उठा पाते हैं। हालांकि यह मंडी उनके घरद्वार पर है।
सब्जीमंडी अखाड़ा बाजार के आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन दिवान पाल ने बताया कि विपणन बोर्ड आढ़तियों से हर वर्ष लाखों रुपये की मार्केटिंग फीस वसूलता है। यहां शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। मंडी में आनी वाली महिलाओं को ऐेसे में खासी परेशानी होती है। यहां मंडी का ऑक्शनयार्ड भी अदना सा है। ऐसे में बाहरी राज्यों का व्यापारी यहां आने से कतराता है। उन्होंने बोर्ड तथा सरकार से मांग की है कि यहां बागवानों और किसानों की सुविधाओं के लिए मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं। ऐसा न होने पर उन्होंने बोर्ड तथा सरकार को चेताते हुए कहा कि मांग पूरी न होने पर एसोसिएशन संघर्ष की डगर पर चलने को मजबूर होगी। कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति विपणन बोर्ड के चेयरमैन यूपेंद्रकांत मिश्रा ने बताया कि उनके ध्यान में मामला है। इस वर्ष किसानों और बागवानों की सुविधा के लिए मंडी परिसर में रात्री ठहराव कक्ष बनाए जाएंगे। मंडी परिसर को भी विकसित किया जाएगा।

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