रसोई घर के बजट में प्याज का खलल

कुल्लू। साग सब्जियों की आसमान छूती कीमतों के बीच प्याज भी भड़क उठा है। तीन दिन पूर्व पंद्रह रुपये प्रतिकिलो मिलने वाला प्याज अब 40 रुपये का हो चुका है। लाल रसीले टमाटर और हरे मटर के अलावा अन्य सब्जियाें के बढ़े दामों से जहां लोग इसका स्वाद चखना भूलने लगे हैं वहीं प्याज की मात्रा भी तड़के में कम हो चली है। देशभर में बढ़े प्याज के भाव का असर देवभूमि कुल्लू में भी पड़ा है। टमाटर और साग-सब्जियों के रेट सुनकर गृहणियों के सिर चकराने लगे हैं। महिलाओं ने पहली की अपेक्षा सब्जियों की खरीददारी भी कम कर दी है।
आसमान छूते प्याज के रेट से गरीब तबके के लोगों ने तड़के में प्याज डालने से ही किनारा कर लिया है। यहां तक कि होटलों और रेस्तरां के सलाद से भी प्याज गायब हो गया है। महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों का महीने भर का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। साग-सब्जी और अन्य खाद्य सामानों की खरीददारी के लिए महिलाओं ने बाजार की तरफ निकलने से तौबा कर ली है। पहले ही रसोई घर का बजट नियंत्रित करना गृहणियों के लिए मुश्किल भरा हो गया था।
अब प्याज ने आंसू निकाल दिए हैं। गृहणियां एक किलो की जगह आधा किलो प्याज ही खरीद रही हैं। गृहणी लता देवी, मथुरा, गंगा देवी, सरोज ठाकुर तथा हीना और राधा ने कहा कि वह पहले से ही टमाटर और साग-सब्जी की आसमान छूती महंगाई से परेशान हैं। अब प्याज की कीमतों ने उनका बजट बिगाड़कर रख दिया है। घाटी में टमाटर 40 और मटर 60 रुपये किलो की दर से बिक रहा है।

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