
कुल्लू। श्रीखंड यात्रा पर उत्तराखंड-किन्नौर त्रासदी का जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है। इस वर्ष 60 फीसदी से अधिक भक्तों की संख्या में कमी दर्ज की है। अभी तक यात्रा में कुल 7000 भक्तों ने भोलेनाथ के दर्शन किए हैं। श्रीखंड सेवा समिति व सरकारी आंकड़ों के आधार पर करीब पांच हजार भक्तों का पहले पड़ाव सिंहगाड़ में पंजीकरण किया गया है। उत्तराखंड में बारिश ने मचाई तबाही ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था, इसका सीधा असर श्रीखंड यात्रा पर पड़ा है। श्रीखंड सेवा समिति को इस वर्ष कुल 12 हजार भक्त श्रीखंड पहुंचने की उम्मीद है। वर्ष 2012 में यह आंकड़ा 23 हजार के आसपास था। इसमें श्री खंड सेवा समिति ने 16700 भक्तों को यात्रा पर भेजा था। रविवार को यात्रा के छठे जत्थे में 770 भक्त रवाना हुए, जिसमें 80 भक्त केरल, पश्चिम बंगाल तथा चंडीगढ़ आदि राज्यों से शामिल हैं। सोमवार को यात्रा के लिए अंतिम जत्था भेजा जाएगा। 23 जुलाई से श्रीखंड सेवा समिति तथा प्रशासन की ओर यात्रा को बंद किया जाएगा। श्री खंड सेवा समिति के प्रधान गोविंद प्रसाद शर्मा ने बताया कि श्रीखंड यात्रा में भक्तों की संख्या में 60 प्रतिशत तक कमी आई है। रविवार को भेजे गए छठे जत्थे के साथ आंकड़ा पांच हजार को पार कर गया है। इसमें बाहरी राज्यों की श्रद्धालुओं की संख्या 1800 के करीब है। सोमवार को गुरु पूर्णिमा के दिन भी भक्तों की संख्या में कमी रहेगी। डीसी कुल्लू राकेश कंवर ने कहा कि उत्तराखंड में घटी घटना से इस साल श्रीखंड यात्रा में भक्तों की संख्या में कमी आई है। 23 जुलाई को सरकारी तौर पर यात्रा समाप्त हो जाएगी।
किस साल कितने श्रद्धालु पहुंचे श्रीखंड
साल समिति का आंकड़ा कुल भक्त
2010 8000 12000
2011 12000 18000
2012 16700 23000
2013 7000 अब तक 12000 अनुमानित
