
कपूरथला (सेखड़ी): किसी समय नगर कौंसिल कपूरथला की बढिय़ा आॢथक हालत के चर्चे दूर-दूर तक फैले हुए थे। समूह कर्मचारियों को तनख्वाह महीने की पहली तिथि को मिल जाती थी। इसके अतिरिक्त सभी बिलों की पेमैंट भी तुरंत हो जाती थी परन्तु पिछले लगभग 8 सालों से नगर कौंसिल की माली हालत दिनों-दिन बेहद तरसयोग्य हो रही है।
आज स्थिति यह बन चुकी है कि बिजली का लगभग 15 से 20 लाख का बिल देखकर नगर कौंसिल के हाथ पैर फूल जाते हैं तथा कर्मचारियों की तनख्वाह भी काफी देरी से मिल रही है।
वैसे तो नए कार्यकारी अधिकारी संदीप तिवाड़ी के आने के उपरांत आर्थिक हालत में सुधार करने तथा खर्चों को घटाने के योग्य प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। वैसे तो पजाब सरकार के पास बिजली की भारी कमी है परन्तु कपूरथला में अनेकों स्ट्रीट लाइटों को दिन के समय भी बंद नहीं किया जा रहा है, जबकि कपूरथला के अनेकों क्षेत्रों में रात को भी लाइटें न जलने के कारण अंधेरा छाया रहता है।
कपूरथला में लाइटों को दिन के समय बंद करके बिल को घटाया जा सकता है मगर नगर कौंसिल के पास लाइटें बंद करने के लिए फुर्सत ही नहीं है। इस संबंध में ई.ओ. संदीप तिवाड़ी ने बताया कि इस संबंध में सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिससे सिस्टम में सुधार किया जा सके।
